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करतारपुर साहिब के दर्शन पर जजियाः अड़ा हुआ है पाक, श्रद्धालु नहीं सरकार भरेगी फीस

भारत ने गुरुनानक देव के भक्तों की खातिर में पाकिस्तान की 20 डॉलर जजिया अदा करने की जिद को मान लिया है। यह फीस श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन के दौरान ही भरनी होगी। 20 अक्टूबर से करतारपुर दर्शन के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू होने थे लेकिन पाकिस्तान की जिद के चलते भारत ने रजिस्ट्रेशन टाल दिया था। फिल्हाल यह भी तय नहीं हुआ है कि पाक काउंसलर को करतारपुर आने की मंजूरी दे रहा है या नहीं।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (22 अक्टूबर): भारत के लाख आग्रह करने पर भी सिख श्रद्धालुओं से जजिया (रजिस्ट्रेशन फीस) वसूलने पर पाकिस्तान के रुख में कोई परिवर्तन नहीं आया है। इसलिए भारत सरकार ने अपनी ओर के श्रद्धालुओं पर लगाये गये जजिया भरने का जिम्मा अपने ऊपर लिया है। भारत सरकार ने कहा है कि यह मध्यकालीन भारत नहीं है। इसलिए किसी भी श्रद्धालु को करतापुर साहिब दर्शन मात्र के लिए जजिया नहीं देना पड़ेगा। भले ही सरकार इस जजिया को अपने कोष से भरेगी। भारत ने गुरुनानक देव के भक्तों की खातिर में पाकिस्तान की 20 डॉलर जजिया अदा करने की जिद को मान लिया है। यह फीस श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन के दौरान ही भरनी होगी। 20 अक्टूबर से करतारपुर दर्शन के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू होने थे लेकिन पाकिस्तान की जिद के चलते भारत ने रजिस्ट्रेशन टाल दिया था।

इसके साथ ही खबर है कि करतारपुर कॉरिडोर के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले समझौते पर अब 23 अक्टूबर के बजाए 24 अक्टूबर को दस्तकत होंगे। भारत ने पहले इस एग्रीमेंट में 20 डॉलर वाली शर्त के चलते इसके फाइनल ड्राफ्ट को नकार दिया था। आखिर श्रद्धालुओं की भाववाओं का सम्मान करते हुए भारत पाकिस्तान की शर्त मानने पर राजी हो गया।

पाकिस्तान इस वक्त आर्थिक तंगी को दौर से गुजर रहा है, ऐसे में वो कहीं से भी पैसा कमाने की जुगाड़ में लगा हुआ है। प्रति श्रद्धालु 20 डॉलर के जजिया से पाकिस्तान को इससे हर महीने करीब 21 करोड़ रुपये मिलेंगे।

इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने करतारपुर साहिब जाने वाले हर तीर्थयात्री पर पाकिस्तान की ओर से प्रस्तावित 20 डॉलर के सेवा शुल्क को 'जजिया टैक्स' करार देते हुए कहा कि इस पैसे का भुगतान मोदी सरकार को खुद करना चाहिए। 

भारत ने पाकिस्तान को याद दिलाया है कि करतारपुर कॉरिडोर खोले जाने के लिए प्रारंभिक बैठकों में यह तय हुआ था कि श्रद्धालुओं को करतारपुर साहिब के खुले और बिना बाधा दर्शन की अनुमति दी जायेगी तो अब जजिया क्यों लगाया जा रहा है। तो पाकिस्तान ने कहा कि यह जजिया नहीं बल्कि सुविधा शुल्क है। हालांकि, पाकिस्तान इसी तरह की और भी बाधाएं डालता रहा है, जिन्हें भारत अपनी ओर के श्रद्धालुओं की भावनाओं का ध्यान रखते हुए दूर करता रहा है।

Images Courtesy:Google

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