अब जर्मनी, कनाडा और साउथ अफ्रीका में भी लोग सुन सकेंगे आकाशवाणी

नई दिल्ली(1 अक्टूबर): सरकार के कूटनीतिक प्रयासों को बल देने तथा भारतीय समुदाय तक कार्यक्रमों को पहुंचाने के उद्देश्य से आकाशवाणी जापान, जर्मनी और कनाडा आदि देशों के लिए नई सेवाएं शुरू करने की योजना बना रहा है।

- आकाशवाणी के विदेश सेवा प्रभाग (ईएसडी) महानिदेशक अमलान ज्योति मजूमदार ने बताया कि कनाडा, दक्षिण अफ्रीका और मालदीव भी उन देशों की सूची में शामिल हैं, जहां आकाशवाणी अपने कार्यक्रम पहुंचाने की योजना रखता है।

- वर्तमान में आकाशवाणी के विदेश सेवा प्रभाग की पहुंच 27 भाषाओं में लगभग 150 देशों तक है। ईएसडी अब अपनी वैश्विक मौजूदगी को विस्तारित करना चाहता है और उन देशों तक भी अपनी पहुंच बनाना चाहता है जहां आकाशवाणी अभी तक नहीं पहुंच पाया है।

- मजूमदार ने कहा, ईएसडी ने जापान, कनाडा, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, मालदीव और स्वतंत्र देशों के राष्ट्रकुल के कुछ देशों जैसी जगहों पर अपनी नई सेवाएं शुरू करने का प्रस्ताव रखा है।

- स्वतंत्र देशों के राष्ट्रकुल को रूसी राष्ट्रकुल भी कहा जाता है जो 1991 में सोवियत संघ के विघटन के दौरान बना था। इसमें नौ अलग हुए सदस्य देश तथा दो सह सदस्य हैं। आकाशवाणी का प्रस्ताव हाल में विदेश प्रसारण पर एक सलाहकार समिति की बैठक में चर्चा के लिए रखा गया।