चंद्रबाबू नायडू के बाद जदयू ने भी बिहार के लिए मांगा विशेष राज्य का दर्जा

पटना (09 मार्च): केंद्र सरकार से तेलगु देशम पार्टी का विशेष राज्य के दर्जे पर लिया गया स्टैंड बिहार की सियासत में कोहराम मचा गया। दो केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा बिहार की राजनीति को गर्म करने के लिए काफी है क्योंकि विशेष राज्य के दर्जा के मुद्दे पर तो नीतीश कुमार ने पटना से दिल्ली तक कई बार आंदोलन किया है। 

बिहार में एनडीए का हिस्सा जदयू ने राज्य को विशेष दर्जा देने की मांग दोहराई है। पार्टी ने टीडीपी की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि राज्यों के विभाजन के कारण बिहार और आंध्र दोनों को राजस्व का व्यापक नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार साल 2005 से विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। जदयू महासचिव केसी त्यागी और पार्टी के प्रवक्ता पवन वर्मा ने कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाना चाहिए। झारखंड के अलग होने से राज्य को राजस्व का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। राज्य के बंटवारे के दौरान ही विशेष राज्य का दर्जा और विशेष पैकेज देने का आश्वासन दिया गया था, जो अभी तक पूरा नहीं हुआ।  यूपीए सरकार के कार्यकाल और बाद में वर्ष 2013 में भाजपा से नाता तोड़ने के बाद नीतीश ने इस मांग को जोर-शोर से उठाया था। साल 2014 में नई सरकार के गठन के बाद भी जदयू ने लगातार विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की। जदयू के फिर से एनडीए में शामिल होने के बाद नीतीश ने इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था।