अब पाकिस्तान में हिंदुओं की शादियों को भी मिलेगा कानूनी दर्जा

नई दिल्ली (10 फरवरी): 68 साल के लंबे इंतजार के बाद पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय को पाक संसद विवाह कानून देने जा रही है। हिंदू मैरिज बिल को पाकिस्तान के एक संसदीय पैनल ने मंजूरी दे दी है। लॉ एंड जस्टिस के लिए बनाई गई नेशनल असेंबली स्टैंडिंग कमेटी ने हिंदू मैरिज बिल के ड्राफ्ट को फाइनल कर दिया। इसके लिए खासकर पांच हिंदू कानून निर्माताओं को बुलाया गया था।

'डॉन डॉट कॉम' की एक रिपोर्ट के मुताबिक हिंदु महिला और पुरुष दोनों के लिए शादी की न्यूनतम उम्र 18 साल रखी गई है। यह कानून पूरे देश में लागू होगा।संसदीय पैनल से हरी झंडी मिल जाने के बाद अब यह बिल नेशनल असेंबली में पेश किया जाएगा, जहां सत्ताधारी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के समर्थन से इसके पारित होने की पूरी संभावना है। हिंदू समुदाय के लिए परिवार कानून तैयार करने में लंबे समय से रणनीतिक रूप से की गई देरी पर संसदीय समिति के अध्यक्ष चौधरी महमूद बशीर विर्क ने खेद जताया। उन्होंने कहा कि यह बिल काफी पहले पारित हो जाना चाहिए था।