Rio Olympics: पिता का सपना पूरा करेंगे स्टार बॉक्सर शिव थापा?

नई दिल्ली (4 अगस्त): तस्वीर में जिस यंग एथलीट को आप देख रहे हैं, इनका नाम है शिव थापा। शिव अब एक स्टार बॉक्सर बन चुके हैं। घर के पास एक छोटे से ट्रेनिंग सेंटर से शुरू हुआ सफर आज ओलिंपिक रिंग तक पहुंच गया है। वह 56 किलोग्राम कैटेगरी के बॉक्सर हैं। 

लंदन ओलिंपिक में पहले राउंड में शिव बाहर हो गए थे। पिता का बेटे को ओलिंपिक में भेजने का सपना तो पूरा हो गया था, लेकिन उन्हें चैम्पियन बनाना अभी बाकी है। रियो ओलिंपिक में फैन्स से ज्यादा पद्म थापा की आंखों को उस पल का इंतजार है, जब शिव के गले में मेडल होगा।

- रिपोर्ट के मुताबिक, शिव के पिता पद्म थापा गुवाहाटी के जिस क्षेत्र में रहते थे वो लोकल गैंग्स की लड़ाई के लिए फेमस था। - आए दिन किसी न किसी बात पर गुटों में विवाद आम बात थी। ऐसी ही एक गैंग में पद्म भी शामिल थे। - मजबूत होने के लिए उन्होंने मणिपुर के एक कराते ट्रेनर को अपने घर के पास एकेडमी शुरू करने के लिए कहा। - पद्म और उनके कुछ दोस्त एकेडमी ज्वाइन करने वालों में सबसे पहले थे। - दूसरे गुट से अपनी रक्षा के लिए सीखी गई कला जल्द ही पद्म का शौक बन गई। - उन्होंने इसे सीरियसली लिया और दो नेशनल चैम्पियनशिप में हिस्सा भी लिया, लेकिन मेडल नहीं जीत सके। - सफलता नहीं मिलने पर चैम्पियनशिप में जाना बंद किया और ठान लिया कि अपने बेटों को ओलिंपिक चैम्पियन बनाएंगे। - कम उम्र में ही पद्म ने बेटों को चैम्पियन बनाने का सपना देख लिया था।