आठ हजार साल पहले कैसे थे हम... अब खुलेगा ये राज़ !

नई दिल्ली (24 सितंबर): सिंधु घाटी सभ्यता के और एंशियंट सिविलाइजेशन के रहस्य खुलने वाले हैं। सबसे बडी़ बात यह है कि ये खुलासे भारतीय विद्वान और वैझानिक करने जा रहे हैं। अभी तक सिंधु घाटी के जिस हिस्से के बारे में जो लिखा पढ़ा गया वो पाकिस्तान के हिस्से में है। अब जो हिस्सा पुरातत्व वैज्ञानिकों ने खोजा है वो हरियाणा में है और पाकिस्तान के हिस्से से दो गुने से भी ज्यादा बड़ी है।

ये हिस्सा हरियाणा सरकार के पुरातात्विक विभाग के सहयोग से डेकन कॉलेज पोस्ट ग्रैजुएट और रिसर्च इंस्टिट्यूट के  राखीगढ़ी गांव में खुदाई से 550 हेक्टेयर में फैले सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़े अवशेषों को खोजा गया है। इससे प्राचीन सभ्यता से जुड़ा यह स्थल पाकिस्तान के मोहन जोदाड़ो में इस सभ्यता के केंद्र से विशाल हो जाता है। राखीगढ़ी की साइट 550 हेक्टेयर में फैली है, जबकि मोहन जोदाड़ो में वह स्थल, जहां सिंधु घाटी की सभ्यता के अवशेष मिले थे, केवल 300 हेक्टेयर में फैला है। एएसआई के मिजोरम में तैनात आर्कियोलॉजिस्ट तेजस गर्ग ने बताया कि सिंधु घाटी सभ्यता करीब 8000 साल पहले भारत में विकसित हुई थी।