नोटबंदी से हुआ है ये बड़ा फायदा

नई दिल्ली (6 नवंबर): नोटबंदी को एक साल पूरा होने जा रहा है। ऐसे में विपक्ष से लेकर कई जानकार सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं कि आखिर सरकार को इससे क्या फायदा हुआ। बल्कि नोटबंदी से लोगों का रोजगार छीना।

हालांकि नोटबंदी को अगर नोटबदली कहा जाए तो बेहतर होगा, क्योंकि इसमें सरकार ने 1000 और 500 रुपये के नोटों को बंद कर 500 और 2000 रुपये के नए नोट जारी किए थ। सरकार का इसके पीछे सबसे बड़ा मकसद डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना था।

ऑनलाइन भुगतान का योगदान पिछले 12 महीनों में ऑनलाइन भुगतान में तीन गुना से ज्यादा वृद्धि देखी गई है। नोटबंदी से पहले हम मासिक 3,000 करोड़ रुपए का लेनदेन कर रहे थे, जो अब सभी कार्यक्षेत्र में 6800 करोड़ रुपए हो गया है। नोटबंदी के बाद से भगुतान प्रसंस्करण में तीन गुना वृद्धि हुई है। हम अभी भी अपने ऑनलाइन भगुतान गेटवे से होने वाले लेनदेन में महीने दर महीने के आधार पर करीब 20 प्रतिशत वृद्धि देख रहे हैं।

दोगुनी हुई पीओएस की संख्या डिजिटल भुगतान उद्योग की वृद्धि दर जोकि पहले 20 से 50 प्रतिशत के बीच थी, नोटबंदी के बाद बढ़कर 40-70 प्रतिशत के बीच हो गई है। इसके परिणामस्वरूप सिर्फ एक वर्ष में पीओएस मशीनों की संख्या दोगुनी हो गयी है। इस दौरान बैंकों ने भी डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए मोबाइल एप लॉन्च किए। इससे भी कई ग्राहक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आए।