बैंकों में जमा कराए गए 10,00000,00000000 रुपये पर सरकार की नजर टेढ़ी

नई दिल्ली (4 फरवरी ): नोटबंदी के दौरान तमाम लोगों ने बैंकों में अपने-अपने पैसे जमा करवाए। भारी तादाद में लोगों को लगा की बैंक में पैसे जमा करवाने के बाद उनकी काली कमाई सफेद हो गई है। लेकिन ऐसा नहीं है। सरकार और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नजर नोटबंदी के दौरान जमा कराए गए 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम पर है। नोटबंदी के दौरान ये रकम तकरीबन 1 करोड़ 10 लाख खाते में जमा कराए गए। सरकार और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को आशंका है कि इनमें भारी तदाद में लोगों ने अपनी काली कमाई को भी जमा करवाई है।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अब ऐसे कालेधन के कुबेरों पर शिकंजा कसने की तैयारी में हैं। सरकार ने कालेधन के कुबेरों पर शिकंजा कसने के लिए एक ऐसा सॉफ्टवेर तैयार करवाया है जो ऐसे नटवरलालों का आसानी से पता लगा सके। फिलहाल इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नजर 18 लाख ऐसे खातों पर है जिसमें नोटबंदी के दौरान 4 लाख 70 हजार करोड़ रुपये जमा कराए हैं और इसका इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास कोई हिसाब-किताब नहीं है। लिहाजा इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ऐसे लोगों से पूछताछ की तैयारी में है।

सरकार अब 8 नवंबर से 30 दिसंबर के बीच बैंकों में पैसा जमा कराने वालों से SMS और E-Mail के जरिए पूछताछ करने जा रही है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस यानी CBDT अनअकाउंटेड कैशा जमा कराने वाले पूछताछ की तैयारी में है। आपरेशन क्लीन मनी के तहत 5 लाख से ज्यादा रुपये जमा कराने वालों लोगों को SMS और E-Mail लगातार भेज रही है।