मोतीलाल ओसवाल ने जताया अनुमान, नोटबंदी से सरकार को सिर्फ 72,800 करोड़ रुपये का होगा फायदा

नई दिल्ली ( 25 जनवरी ): नोटबंदी से लाखों करोड़ रुपये राजकोषीय तथा टैक्स लाभ के दावों के बीच एक घरेलू ब्रोकरेज कंपनी ने बुधवार को कहा कि सरकार को इस कदम से सिर्फ 72,800 करोड़ रुपये का ही ‘लाभ’ होने की संभावना है। इनमें 32,800 करोड़ रपये टैक्स और और जुर्माने से मिलेंगे। वहीं 40,000 करोड़ रुपये भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा सरप्लस के ट्रांसफर से मिलेंगे। नोटबंदी का समर्थन करने वाले अर्थशास्त्री और विश्लेषक इस कदम के शुरुआती दिनों में दावा कर रहे थे कि चलन से बाहर किए गए 15.55 लाख करोड़ रुपये में से कम से कम 20 प्रतिशत करंसी बैंकिंग सिस्टम में वापस नहीं लौटेगी।

इससे रिजर्व बैंक को इस राशि को अपने बही खाते से हटाने में मदद मिलेगी। ऐसे में होने वाले लाभ को रिजर्व बैंक सरप्लस के तौर पर सरकार को स्थानांतरित कर सकेगा। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि 8 नवंबर को 15.55 लाख करोड़ रुपये के 500 और 1,000 के नोट बंद किए गए। आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में रिजर्व बैंक ने कहा है कि बंद किए गए नोट 20.51 लाख करोड़ रुपये के हैं। घरेलू ब्रोकरेज कंपनी मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह शुरुआती अनुमानों की तुलना में काफी कम, 40,000 करोड़ रुपये ही होगा।

इसका मतलब है कि रद्द की गई मुद्रा का 3.5 पर्सेंट बैंकिंग सिस्टम में वापस नहीं लौटेगा या कालाधन होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि रिजर्व बैंक ने 10 दिसंबर के बाद जमा किए गए नोटों का कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया है, लेकिन चलन में मौजूद मुद्रा तथा 19 दिसंबर तक आपूर्ति किए गए नोटों के आधिकारिक आंकड़ों की गणना से पता चलता है कि 15 लाख करोड़ रुपये बैंकिंग सिस्टम में वापस लौट आए हैं।