गुजरात चुनाव: 'आप' और बसपा से ज्यादा लोगों ने NOTA को किया पसंद

नई दिल्ली(19 दिसंबर): गुजरात चुनावों में लोगों ने नोटा पर जमकर बटन दबाया। ईवीएम पर यह बटन दबाने वाली उंगलियों की संख्या आम आदमी पार्टी, एनसीपी और बीएसपी जैसी पार्टियों को मिले वोट से ज्यादा रही है। 

- ईवीएम में नोटा बटन के जरिए मतदाता यह बता सकते हैं कि चुनाव मैदान में उतरा कोई उम्मीदवार उनका प्रतिनिधि बनने लायक नहीं है। 

- गुजरात विधानसभा चुनाव में 5,51,294 मतदाताओं ने यह बटन दबाकर अपने इलाके के उम्मीदवारों को खारिज कर दिया।

- 2014 आम चुनावों में गुजरात के 4.2 लाख मतदाताओं ने नोटा बटन दबाया था। विधानसभा चुनाव में नोटा का वोट शेयर 1.8 पर्सेंट रहा है लेकिन जो एक असेंबली इलेक्शन के लिहाज से असामान्य बात नहीं है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक नोटा वोट कुल मतों के 0.8 से 3 पर्सेंट के बीच रह सकता है। 

- गुजरात में आम आदमी पार्टी ने कुल 29 सीटों पर ही प्रत्याशियों को उतारा था, जहां पार्टी को केवल 29 हजार 517 वोट हासिल हुए। वहीं इन 29 सीटों पर 75 हजार 880 लोगों ने नोटा का लिकल्प चुना। नोटा का विकल्प चुनने वालों की संख्या 2.5 फीसदी अधिक रही।