परमाणु परीक्षण करने वाले उत्तर कोरियो को अमेरिका ने दिखाई ताकत

नई दिल्ली(13 सितंबर): नॉर्थ कोरिया के पांचवें परमाणु परीक्षण करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। नॉर्थ कोरिया को ताकत दिखाने के मकसद से मंगलवार को अमेरिकी B-1B बॉम्बर्स ने साउथ कोरिया के ऊपर उड़ान भरी।

- अमेरिका का मकसद ये भी दिखाना था कि वह पूरी तरह से साउथ कोरिया के साथ है। इस बीच, व्हाइट हाउस ने ये भी कहा है, 'चीन समेत पूरी इंटरनेशनल कम्युनिटी नॉर्थ कोरिया के खिलाफ खड़ी हो गई है। बराक ओबामा नॉर्थ के हाल ही में किए न्यूक्लियर टेस्ट को दुनिया के लिए खतरा मानते हैं।' 

- B-1B बॉम्बर्स को यूएस और साउथ कोरियाई जेट्स ने एसकॉर्ट किया।

- बॉम्बर्स ने ओसान एयर बेस पर उड़ान भरी जो नॉर्थ कोरियाई सीमा से महज 120 किमी दूर है।

- बताया गया कि B-1B बॉम्बर्स गुआम स्थित एंडरसन एयरफोर्स बेस चले गए। उन्होंने ओसान में लैंडिंग नहीं की।

क्यों भरी अमेरिकी बॉम्बर्स ने उड़ान?

- साउथ कोरिया के पास न्यूक्लियर वेपन्स नहीं है। वह मानता है कि अमेरिका पूरी तरह से उसके साथ है। उधर, नॉर्थ कोरिया, साउथ को ये जताता रहता है कि वह अकेले ही काफी ताकतवर है।

- साउथ कोरिया में अमेरिका की 28 हजार से ज्यादा सैन्य टुकड़ियां हैं।

- नॉर्थ कोरिया, साउथ कोरिया में अमेरिका की मौजूदगी को क्षेत्र में दखलअंदाजी और खुद पर एटमी खतरा मानता है। नॉर्थ के न्यूक्लियर प्रोग्राम की एक ये वजह भी बताई जाती है।

- यूएस एयरफोर्स के साउथ कोरिया में कमांडर जनरल विन्सेंट ब्रूक्स के मुताबिक, 'अमेरिका और साउथ कोरिया रोज नॉर्थ कोरिया के अग्रेशन पर एक्शन ले रहे हैं। इससे हमारा अलायंस और मजबूत होगा।'

क्या बोला साउथ कोरिया?

- साउथ कोरियाई डिफेंस मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन मून सांग ग्युन ने सोमवार को कहा, 'साउथ कोरिया और अमेरिकी इंटेलिजेंस मानता है कि नॉर्थ कोरिया किसी भी वक्त पुंगे-री साइट पर एक बंद पड़ी टनल में 6th न्यूक्लियर टेस्ट कर सकता है।' बता दें कि नॉर्थ ने पुंगे-री साइट पर ही पिछले पांचों टेस्ट किए हैं।