नॉर्थ कोरिया पर रुस-चीन की अमेरिका को कड़ी चेतावनी

नई दिल्ली(29 अप्रैल): उत्तर कोरिया को लेकर अमेरिका की तरफ से हो रही बयानबाजी पर रूस और चीन दोनों ने चेतावनी दी है कि किसी भी गलत कदम का 'भयानक परिणाम' हो सकता है।


- रूस के उप विदेश मंत्री गेनैडी गैलितोव ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका और प्योंगयांग पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, 'उग्र बयानबाजियों और ताकत के प्रदर्शनों से हालात ऐसे हो चुके हैं कि पूरी दुनिया गंभीरता से सोच रही है कि क्या युद्ध होने जा रहा है या नहीं।'


- दूसरी तरफ चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भी नॉर्थ कोरिया के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम के खतरे के जवाब में किसी भी सैन्य कार्रवाई को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने सुरक्षा परिषद से कहा, 'फोर्स के इस्तेमाल से मामला हल नहीं होगा बल्कि यह और बड़े आपदा की तरफ ले जाएगा।'


- इससे पहले अमेरिका ने नॉर्थ कोरिया के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई की अपील की थी। अमेरिका ने कहा कि पेइचिंग को प्योगयांग पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए 'विनाशक नतीजों' को टालना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को संबोधित करते हुए अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने नॉर्थ कोरिया पर अभूतपूर्व दबाव बनाने के लिए अभियान चलाने का आह्वान किया ताकि नॉर्थ कोरिया अपनी राह बदले और अपने परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को रोक दे।


- टिलरसन ने संयुक्त राष्ट्र से कहा, 'दुनिया की सुरक्षा के लिहाज से सबसे बड़े मुद्दे पर अगर अभी कार्रवाई से चूक गए तो इसके विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं।' उन्होंने कहा, 'सोल या टोक्यो पर नॉर्थ अमेरिका के परमाणु हमले का खतरा वास्तविक है। और यह शायद सिर्फ समय की बात है कि नॉर्थ कोरिया अमेरिकी सरजमीं तक हमले की क्षमता विकसित कर ले।'


-टिलरसन ने परिषद से कहा कि ऐसा कोई कारण नहीं दिखता कि नॉर्थ कोरिया प्रतिबंधों और चेतावनियों से सुधर जाए। उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि हम सभी नॉर्थ कोरिया पर नया दबाव डाले ताकि वह खतरनाक रास्ते को छोड़ दे। टिलरसन ने कहा, 'मैं इस परिषद से गुजारिश करता हूं कि नॉर्थ कोरिया की कार्रवाई से पहले ही अपनी कार्रवाई करे।'