नॉर्थ कोरिया का 'बर्बादी' वाला परीक्षण, पल भर में बिछ जाएंगी लाखों लाशें

नई दिल्ली(3 सितंबर): नॉर्थ कोरिया ने 6ठा न्यूक्लिअर टेस्ट किया है जिसे हाइड्रोजन बम बताया जा रहा है। आइए जानते हैं इस परमाणु हथियार से कितनी तबाही मच सकती है और क्या असर होगा?

- नॉर्थ कोरिया के न्यूक्लिअर टेस्ट से जो भूकंप के झटके महसूस किए गए, बताया जा रहा है कि यह पिछला न्यूक्लिअर टेस्ट से पांच से छह गुना अधिक पावरफुल था।

- खास बात ये है कि पिछले ही हफ्ते नॉर्थ कोरिया ने जापान के ऊपर से बैलिस्टिक मिसाइल फायर किया था। इससे पहले जुलाई में अमेरिका तक पहुंचने वाले मिसाइल का परीक्षण उत्तर कोरिया कर चुका है।

- नॉर्थ कोरिया 2006 से ही न्यूक्लिअर हथियारों का परीक्षण कर रहा है। 2016 में कोरिया ने ऐसे बम का परीक्षण किया था जो 1945 में हिरोशिमा पर गिराए गए बम जितना पावरफुल था। 

- ताजे परीक्षण में जिस बम को तैयार किया गया है उसे इंटरकंटीनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल में फिट किया जा सकता है।

- मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया ने जितने पावर के हाइड्रोजन बम का टेस्ट किया है उससे एक करोड़ टन की इनर्जी निकलेगी।

-जबकि हिरोशिमा पर जिस एटोमिक बम को गिराया गया था उससे तुलनात्मक रूप से सिर्फ 15 हजार टन की इनर्जी निकली थी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से कितना अधिक शक्तिशाली हाइड्रोजन बम होगा। हिरोशिमा में गिराए गए बम से 90 हजार से 1.4 लाख लोगों की मौत हुई थी।