नहीं माना नॉर्थ कोरिया, फिर दागी लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल

नई दिल्ली (25 मार्च): नॉर्थ कोरिया का हमलावर रुख जारी है, एक के बाद एक लगातार मिसाइल टेस्ट कर रहा है। सनकी तानाशाह किम जोंग-उन संयुक्त राष्ट्र  और अमेरिका के प्रतिबंध को नजरअंदाज करते हुए आंखे दिखा रहा है। जितना उसे रोका जाता है उतना ही ज्यादा खतरनाक अंदाज में सामने आता है। माध्यम दूरी तक मार करने वाले मिसाइल टेस्ट के बाद अब किम ने लंबी दूरी तक मार करने वाले मिसाइल का टेस्ट किया है।

नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन पर सनक सवार है, सनक ऐसी की दुनिया तबाह करने चला है, अपने दुश्मन को ठिकाने लगाने के लिए जमा कर रहा है ऐसे खतरनाक सामान जो धरती को तबाह कर देगा। समंदर में भूचाल ला देगा, और अब तो इसके क्रूर इरादे और भी खतरनाक होते जा रहे हैं। ये सनकी युनाइडेट नेशन्स की नहीं सुनता, अमेरिका की नहीं सुनता, ये बस अपनी सुनता है। इसने फिर एक बार अत्याधुनिक तरीके से बनाई गई लंबी दूरी तक मार करने वाले मिसाइल का टेस्ट कर डाला है।

इधर यूएन सिक्योरिटी कॉउंसिल ने पाबंदियां लगाईं और उधर नॉर्थ कोरिया के इस तानाशाह ने कई रॉकेट और मिसाइलों का टेस्ट कर डाला। मतलब यूनाइटेड नेशंस डाल डाल तो नार्थ कोरिया का ये तानाशाह पात पात। तानाशाह किम ने यूएन की पाबंदियों को ठेंगा दिखाते हुए लगातार मिसाइलें दाग रहा है।

इससे पहले पूर्वी सागर में छोटी दूरी की कई मिसाइलें दागी। खबरों के मुताबिक नार्थ कोरिया ने ये मिसाइलें पूर्वोत्तर शहर हैमहंग में दागी। इन मिसाइलों ने करीब 200 किलोमीटर की दूरी तय की। उत्तर कोरिया ने मध्यम दूरी तक मार करने में सक्षम दो मिसाइलें भी दागी थीं।

किम अमेरिका के खिलाफ युद्ध की तैयारी कर रहा है, किम साउथ कोरिया को सबक सिखाना चाहता है, किम ने टेस्ट के बाद दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति और उनके अमेरिकी सहयोगियों को धमकी दी है कहा है कि उसकी सेना दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति पार्क ग्येन-हाइस प्रशासन को हटाने के लिए लड़ाई छेड़ने को तैयार है। इस लडा़ई की शुरुआत चोंगवाडेई के राष्ट्रपति कार्यालय और उसके आसपास के इलाकों पर हमले से होगी। युद्धक इकाइयां कोरिया के राष्ट्रपति के कार्यालय को ‘राख में तब्दील कर देने’ के लिए तैयार खड़ी हैं। 

उत्तर कोरिया की ओर से यह धमकी एक ऐसे समय पर आई है, जब सोल और उसके सहयोगी वाशिंगटन ने अपने सालाना सैन्य अभ्यासों को अंजाम दिया है जिसे नॉर्थ कोरिया थ्रेट के तौर पर देखता है। जिसके जवाब में किम लगातार धमकी दे रहा है कि वो परमाणु परीक्षण करेगा। अगर उत्तर कोरिया एक और परमाणु परीक्षण करता है तो हाइड्रोजन बम के बाद उसका 10 साल के अंदर ये पांचवा परमाणु परीक्षण होगा।

दुनिया के लिए खतरा बना नार्थ कोरिया नार्थ कोरिया ने सबसे पहला परमाणु परीक्षण साल 2006 में किया और दूसरा परीक्षण साल 2009 में किया गया। ये दोनो परमाणु परीक्षण किम जोंग इल के कार्यकाल में किए गए थे। जबकि देश की सत्ता संभालने के महज़ दो सालों में तानाशाह किम जोंग उन ने तीसरा परमाणु परीक्षण साल 2013 में किया और अब तीन साल बाद इस तानाशाह ने कर लिया है महाविनाष्कारी हाइड्रोजन बम का परीक्षण।

उत्तर कोरिया, यूं तो दुनिया के नक्शे पर एक छोटा सा देश है। लेकिन विध्वंसक हथियारों के जखीरे के मामले में उसका शुमार गिने-चुने देशों में होता है। इसी ताकत के दम पर उत्तर कोरिया का सनकी तानाशाह किम जोंग अपने पड़ोसी साउथ कोरिया और यहां तक कि अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश को धमकाता रहता और प्रतिबंध के बावजूद मिसाइल दागता रहता है।