कभी भी किसी भी वक्त छिड़ सकता है युद्ध, फ्रांस का लड़ाकू जहाज पहुंचा जापान


नई दिल्ली(30 अप्रैल): उत्तरी कोरिया पर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच फ्रांस का एक लड़ाकू जहाज सैन्य अभ्यास के लिए शनिवार को जापान पहुंचा।


- उधर उत्तरी कोरिया लगातार आक्रामक रुख दिखा रहा है। अपने खिलाफ बन रहे माहौल और दबाव को अनदेखा करते हुए प्योंगयांग ने शनिवार सुबह एक और बलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया।


- इस ताजा मिसाइल परीक्षण के बाद स्थितियां और तनानपूर्ण हो गई हैं। इसी के मद्देनजर जापान, फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन पहला साझा सैन्य अभ्यास शुरू करने जा रहे हैं।


- इसी में भाग लेने के लिए फ्रांस का लड़ाकू जहाज दक्षिण-पश्चिमी जापान में स्थित सासेबो नौसेना अड्डे पर पहुंचा।


- उत्तरी कोरिया द्वारा शनिवार को किए गए बलिस्टिक मिसाइल परीक्षण के बाद उसके द्वारा एक और परमाणु परीक्षण किए जाने की आशंका और मजबूत हो गई है।


- उत्तरी कोरिया को लेकर अमेरिका का रुख जहां बेहद सख्त है, वहीं रूस और चीन ने उसे चेतावनी देते हुए अपने पैर पीछे खींच लेने को कहा है।


- अमेरिका और रूस-चीन के बीच चल रही इन चेतावनियों के बीच जापान, US, फ्रांस और ब्रिटेन 3 मई से प्रशांत महासागर में एक संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू करने जा रहे हैं। यह ड्रिल 22 मई तक चलेगा। चारों देशों के कुल 700 सैन्य अधिकारी और जवान इस अभ्यास में हिस्सा लेंगे।

- जापान के जॉइंट स्टाफ ने एक बयान जारी कर बताया कि इस सैन्य अभ्यास का मसद चारों देशों के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करना है। इस ड्रिल के अलावा अमेरिका ने प्रशांत महासागर के पश्चिमी हिस्से में जंगी विमानों के एक बेड़े को भी तैनात करने का फैसला किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि अगर उत्तरी कोरिया परमाणु हथियार विकसित करने का अपना कार्यक्रम बंद नहीं करता, तो अमेरिका और प्योंगयांग के बीच युद्ध जैसी नौबत भी आ सकती है। ट्रंप ने कहा है कि नॉर्थ कोरिया को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए अमेरिका हर तरह के विकल्प आजमा सकता है।


- उत्तरी कोरिया द्वारा किए गए ताजा बलिस्टिक मिसाइल परीक्षण पर जापान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने इसे पूरी तरह से अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि उनके देश के लिए बहुत बड़ा खतरा है। इस मुद्दे पर बोलते हुए आबे ने लंदन में अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासतौर पर चीन से अपील की कि वह उत्तरी कोरिया को माकूल जवाब देने के लिए बाकी देशों के साथ सहयोग करे। आबे 3-दिवसीय दौरे पर रूस और ब्रिटेन गए थे। अपने दौरे के आखिर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'दुनिया की शांति और समृद्धि पर एक गंभीर संकट मंडरा रहा है।' मालूम हो कि शनिवार सुबह जब उत्तरी कोरिया ने मिसाइल परीक्षण किया, उसके बाद जापान में मेट्रो ट्रेन सेवा को एहतियातन करीब 10 मिनट के लिए रोक दिया गया। यह पहला मौका था जब तोक्यो मेट्रो ने इस तरह का कदम उठाया है। इसी महीने लागू किए गए नए नियमों के मुताबिक जब भी कोई ऐसा मिसाइल लॉन्च होगा जिससे कि जापान को नुकसान पहुंच सकता है, तो सुरक्षा के मद्देनजर सभी ट्रेनों को कुछ समय के लिए रोक दिया जाएगा।