नॉर्थ कोरिया पर अमेरिका ने बरसाए बम, खाक हो गए थे हजारों गांव-शहर

नई दिल्ली (15 सितंबर): जब से नॉर्थ कोरिया ने हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया है, तभी से अमेरिका और उसके बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हालांकि यह कोई पहला मौका नहीं है, जब दोनों देश जंग को उतारू हैं, इससे पहले 1950 में नॉर्थ कोरिया में अमेरिका ने जमकर बम बरसाए थे।

इस जंग में अमेरिका ने साउथ कोरिया का सपोर्ट किया था, वहीं नॉर्थ कोरिया को रूस का सपोर्ट था। करीब तीन साल तक चली इस जंग में इन देशों को बड़ी कीमत चुकानी पड़ी थी। इस दौरान सबसे ज्यादा तबाही नॉर्थ कोरिया में अमेरिका के बमवर्षक विमानों ने मचाई थी। अमेरिका ने नॉर्थ कोरिया पर 635,000 नापलाम बम गिराए थे, जिससे देश के हजारों गांव-शहर राख के ढेर में बदल गए थे।

अमेरिका को लगा था कि वह आसानी से नॉर्थ कोरिया को हरा देगा, लेकिन यह थ्योरी गलत साबित हुई। नॉर्थ कोरिया को उस दौरान भी चीन और रूस का पूरा सपोर्ट था। नॉर्थ कोरिया के लिए सैन्य साजो-सामान रूस और चीन से पहुंच रहा था। नॉर्थ कोरिया की बड़ी संख्या वाली आर्मी को जमीन पर हराना मुश्किल है। इसलिए अमेरिका के दर्जनों फाइटर जेट्स बी-29 और बी-52 नॉर्थ कोरिया पर आसमान से मौत बरसाने लगे।

इन जेट्स में नापलम बम लोड थे। यह बम में एक घातक ज्वलनशील केमिकल भरा होता है, जिससे बम फटने के बाद आग का गुबार दूर-दूर तक के इलाके को अपनी चपेट में ले लेता है। इन बमों से न सिर्फ नॉर्थ कोरिया को रूस और चीन से होने वाले सप्लाई मार्गो को खत्म किया गया, बल्कि हथियारों के जखीरे को भी निशाना बनाया गया। इससे भारी जान-माल का नुकसान हुआ।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन बमों से नॉर्थ कोरिया के 5000 स्कूल, 1000 हॉस्पिटल और छह लाख घर तबाह हो गए थे। इसमें देश की करीब 20 फीसदी आबादी खत्म हो गई थी। तभी से नॉर्थ कोरिया अमेरिका को अपने सबसे बड़े दुश्मन के तौर पर देखता है।