सुपरटेक को SC ने लगाई फटकार, लिया यह बड़ा फैसला

नई दिल्ली (27 जुलाई): नोएडा के सुपरटेक एमरॉल्ड बिल्डिंग मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक को एक बड़ा झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जो बॉयर्स अपना पैसा वापस चाहते हैं, उन्हें पैसा वापस करना होगा। इसी के साथ कोर्ट ने उसके दो टावरों के बीच की दूरी की जानकारी देने को भी कहा।

मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में दो बॉयर्स की ओर से कहा गया कि उन्हें उनके रुपये वापस चाहिए। जबकि 40 बॉयर्स की ओर से कहा गया था कि उन्हें जल्दी से जल्दी फ्लैट चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मौखिक टिप्पणी में कहा कि सुपरटेक को उन बॉयर्स का पैसा वापस करना होगा, जो पैसा वापस चाहते हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे लोग इस मामले में क्यों उलझे रहें। बहरहाल सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दाखिल याचिका पर सुपरटेक को नोटिस जारी किया है।

पिछली सुनवाई के दौरान सुपरटेक के वकील गोपाल सुब्रहमण्यम ने दलील दी थी कि वह 150 बॉयर्स के पैसे वापस कर चुके हैं। साथ ही कोर्ट को बताया कि 2006 के रूल्स के हिसाब से उन्होंने कंस्ट्रक्शन किए हैं। जिन दो टावरों के बारे में बात कही जा रही है उन टावरों के बीच 9 मीटर का गैप है और यह नियम के अनुरूप है।

गौरतलब है कि 11 अप्रैल 2014 को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने नोएडा में सुपरटेक के एमराल्ड कोर्ट सोसाइटी में बनाए गए 2 टावर को अवैध बताते हुए गिराने का निर्देश दिया था। हाई कोर्ट ने कहा था कि दोनों टावरों के निर्माण में यूपी अपार्टमेंट ऐक्ट 2010 के बिल्डिंग रेग्युलेशन्स का उल्लंघन किया गया है, लिहाजा टावरों को ध्वस्त किया जाए। हाई कोर्ट ने सुपरटेक की दो बिल्डिंग गिराने का आदेश देते हुए निर्देश दिया था कि सुपरटेक फ्लैट खरीदने वालों को 14 फीसदी ब्याज के साथ पैसे वापस करे। इसके बाद नोएडा अथॉरिटी, सुपरटेक ग्रुप और फ्लैट खरीदने वालों ने हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। जिस पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।