नोएडा पर लगे 'अपशकुन' के कलंक को मिटाएंगे CM योगी

लखनऊ (20 दिसंबर): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नोएडा पर लगे 'अपशकुन' के कलंक को जल्द ही मिटाने जा रहे हैं। योगी आदित्यनाथ 23 दिसंबर को नोएडा का दौरा करने वाले हैं। यूपी की सियासत में एक भ्रम है कि सत्ता में रहते हुए जिस सीएम के कदम नोएडा में पड़े हैं वो दोबारा से सत्ता में वापसी नहीं कर सका। अखिलेश से लेकर मायावती तक इस भ्रम में रहे और नोएडा में मुख्यमंत्री रहते हुए आने से कतराते रहे। लेकिन इस अंधविश्वास को धता बताते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने नोएडा आने का फैसला कर सबको हैरत में डाल दिया है।

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को नोएडा आ रहे हैं। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मौजूदा सीएम योगी आदित्यनाथ भी इस मौके पर उपस्थित रहेंगे। दोनों ही चालत रहित मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे। ये मेट्रो नोएडा के बोटेनिकल गार्डन से दिल्ली के कालका जी तक जाएगी। इससे पहले 23 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नोएडा आएगें और मेट्रो के काम और पीएम मोदी के दौरे की तैयारियों का समीझा करेंगे। 

कहा जाता है कि नोएडा जाने वाले सीएम की कुर्सी चली जाती है। जिसके कारण पिछले 25 वर्षों से यूपी का कोई भी मुख्यमंत्री नोएडा जाने की जहमत नहीं उठाता है। इसके कई उदाहरण भी हैं। 1989 में एनडी तिवारी गए, उसके बाद उनकी कुर्सी चली गई। इसी वहम की वजह से राजनाथ सिंह ने 2001 में नोएडा फ्लाईओवर का उद्घाटन दिल्ली छोर से किया। 2006 में मुलायम सिंह के मुख्यमंत्री रहते निठारी कांड हुआ। सरकार हिल गई लेकिन मुलायम नोएडा नहीं गए, जिसके लिए आंदोलन तक हो गया। 2011 में मायावती नोएडा गईं तो 2012 में चुनाव हारकर सत्ता से बाहर हो गईं। अखिलेश भी उसी टोटके के डर से नोएडा आने से कतराते रहे। हालांकि, अखिलेश ने वादा किया था कि अगर 2017 में उनकी सरकार बनती है तो वो नोएडा जरूर आएंगे।