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नोएडा के इंजीनियर पर CBI का शिकंजा, अरबों की संपत्ति का खुलासा

घोटालों का गढ़ रहे नोएडा अब सरकारी जांच एजेंसियों के निशाने पर है। नोएडा प्राधिकरण के चीफ इंजीनियर यादव सिंह पहले से ही सीबीआई जांच की मार झेल रहे हैं, कि अब एक और सहायक परियोजना अभियंता ब्रिजपाल चौधरी आय से अधिक संपत्ति के मामले मे इन्कम टैक्स के रेडार मे आ गया है।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (8 जून): घोटालों का गढ़ रहे नोएडा अब सरकारी जांच एजेंसियों के निशाने पर है। नोएडा प्राधिकरण के चीफ इंजीनियर यादव सिंह पहले से ही सीबीआई जांच की मार झेल रहे हैं, कि अब एक और सहायक परियोजना अभियंता ब्रिजपाल चौधरी आय से अधिक संपत्ति के मामले मे इन्कम टैक्स के रेडार मे आ गया है।

 गुरुवार को आयकर विभाग की टीम ने नोएडा के असिस्टेट प्रोजेक्ट इंजीनियर बृजपाल चौधरी के ठिकानों पर छापेमारी की तो अरबों की संपत्ति का खुलासा हुआ। छापेमारी की कार्रवाई करीब दस घंटे तक चली। इस दौरान करोड़ों-अरबों की बेनामी और नामी संपत्ति के कागजात सीज किए गए हैं।आयकर विभाग की टीम बृजपाल चौधरी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई कर रही है। उसी के चलते गुरुवार को इनकम टैक्स विभाग के 15 अधिकारियों की टीम ने इंजीनियर बृजपाल चौधरी के घर और ठिकानों पर छापे मारी की। हैरानी की बात है कि टीम को पैसों के लेखे-जोखे के लिए मौके पर प्रिंटर मशीन और तमाम साजो-सामान मंगवाने पड़ गए।

पिछली सरकारों में बृजपाल का रसूख भी था। इसकी वजह से असिस्टेंट प्रोजेक्ट इंजीनियर के पद पर रहते हुए उसने रिश्तेदारों को प्राधिकरण की तरफ से होने वाले कई बड़े कार्यों के ठेके दिलवाए। इसमें एक ठेकेदार सुदेश चौधरी का नाम भी सामने आया है। उससे पूछताछ की जा रही है। बृजपाल ने 12 रिश्तेदारों को संविदा पर नौकरी भी दिलवाई थी। 

बृजपाल ने अपनी काली कमाई का काफी पैसा कई दूसरी कंपनियों और होटलों में भी लगा रखा है जिसके कागजात बरामद हुए हैं। 1981 में बतौर जूनियर इंजीनियर नोएडा प्राधिकरण में भर्ती होने के 20 साल तक बृजपाल को कोई प्रमोशन नहीं मिला, लेकिन रिश्वतखोरी और काली कमाई से करोड़पति इंजीनियर होने का प्रमोशन उसे जरूर मिलता रहा।

बृजपाल के घर के बाहर वीआईपी नंबर की मर्सिडीज कार के अलावा कई हार्ड डिस्क और यूपीएस भी विभाग ने जब्त किए हैं। जिनकी जांच चल रही है। उसके घर से कुल मिलाकर 3 लक्जरी गाड़ियां मिली हैं। तीनों के नम्बर 6666 हैं। यूपी के इस घूसखोर इंजीनियर के रसूख और शाही अंदाज के सामने बड़े बड़े नेताओं के ठाठ-बाट भी फेल नजर आते हैं।

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