उत्तर प्रदेश के इस शहर में आने वाली हैं 12 लाख नौकरियां

नई दिल्ली(8 सितंबर): स्पेशल इकनॉमिक जोन (एसईजेड) की अधिसूचना जारी होने के बाद दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर प्रॉजेक्ट के तहत दादरी-नोएडा-गाजियाबाद में निवेश का रास्ता साफ हो गया है। 

- यह विश्वस्तरीय कॉरिडोर ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन एरिया (दादरी इलाका) में विकसित किया जाएगा। 

- इस प्रोजेक्ट के बनने से 12 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना जताई जा रही है। 

- ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अफसरों का कहना है कि इन्वेस्टमेंट रीजन बनने से पूरे क्षेत्र का परिदृश्य बदल जाएगा। 

- इस इन्वेस्टमेंट रीजन में 218 वर्ग किमी. एरिया में फूड, ऑटो, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, एयरो स्पेस, बायोटेक आदि इंडस्ट्रीज लगेंगी। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीनियर अफसरों के अनुसार, स्पेशल इकनॉमिक जोन बनने के बाद इलाके में 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। 

- यहां 25 लाख की नियोजित आवासीय आबादी होगी। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ देबाशीष पंडा का कहना है कि इस इलाके में उद्योगों को लाने में अधिक परेशानी नहीं होगी। 

- यहां मिलने वाली कनेक्टिविटी उद्यमियों को इस रीजन में उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। सीईओ ने बताया कि डीएमआईसी प्रोजेक्ट के तहत ही डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। इस कॉरिडोर पर सिर्फ मालगाड़ी चलेंगी। फ्रेट कॉरिडोर मुंबई के जवाहर लाल नेहरू पोर्ट से जुड़ेगा। इसके साथ ही जेवर में बनने वाले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी उद्यमियों को आकर्षित करेगा।