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नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी JNU में पढ़ाई के दौरान 10 दिन तिहाड़ भी गए थे

अभिजीत बनर्जी ने लेख में 1983 में पढ़ाई के दौरान 10 दिन तिहाड़ जेल में रहने की बात बताई थी। उनके मुताबिक 1983 में उन्‍होंने और अन्‍य छात्रों ने वाइस चांसलर का घेराव किया था

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (15 अक्टूबर):  भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्र  का नोबेल जीतने वाले अभिजीत विनायक बनर्जी का नाम उनकी बंगाल और महाराष्ट्र की आइडेंटिटी को बताता है। 1980 के दशक में जेएनयू के छात्र रहते हुए ही अभिजीत बनर्जी की प्रतिभा सामने आने लगी थी। उन्‍हें यह पुरस्‍कार उनकी पत्‍नी एस्‍थर डुफ्लो और हार्वर्ड के प्रोफेसर माइकल क्रेमर के साथ संयुक्‍त रूप से दिया गया है। उनके नोबेल पाने के साथ ही जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी भी फिर चर्चा में है। दरअसल अभिजीत ने जेएनयू से 1983 में अर्थशास्‍त्र में एमए की डिग्री हासिल की थी। लेकिन इसी दौरान वह 10 दिन के लिए तिहाड़ जेल भी गए थे। आइए जानते हैं आखिर क्‍यों उन्‍हें तिहाड़ जेल जाना पड़ा था।

अभिजीत बनर्जी ने लेख में 1983 में पढ़ाई के दौरान 10 दिन तिहाड़ जेल में रहने की बात बताई थी। उनके मुताबिक 1983 में उन्‍होंने और अन्‍य छात्रों ने वाइस चांसलर का घेराव किया था। अभिजीत ने बताया था कि वीसी ने उस वक्त उनके स्टूडेंट यूनियन के प्रेसिडेंट को कैंपस से निष्कासित कर दिया था। इस बीच पुलिस आकर सैकड़ों छात्रों को उठा ले गई थी, हमारी पिटाई भी हुई थी।

अभिजीत महज इकनॉमिक्स के ही शानदार स्टू़डेंट्स नहीं थे बल्कि व्यवहारिक भी थे। स्टूडेंट्स के बीच हमेशा से चर्चित रहे प्रभात पटनायक, कृष्णा भारद्वाज और अमित भादुरी जैसे टीचर्स बताते हैं कि वह कभी क्लासरूम में प्रफेसर्स से चर्चा के दौरान बहस से पीछे नहीं हटते थे। हालांकि इस सबके बीच उन्होंने हमेशा टीचर्स का सम्मान बरकरार रखा। 

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