बकरीद: बिसाहड़ा में है बदला-बदला सा माहौल, नहीं होगी कुर्बानी

नई दिल्ली(13 सितंबर): देशभर में आज बकरीद मनाई जा रही है। यूपी के बिसाहड़ा गांव में पिछले साल बकरीद पर खुशी और उल्लास का माहौल था, लेकिन इस साल माहौल अलग है। 

- गांव के मुसलमान गैर मुस्लिमों से बकरीद मनाने की इजाजत मांग रहे हैं। बकरीद तो मनाई जाएगी, लेकिन कुर्बानी नहीं होगी। इसके पीछे कुछ लोग गरीबी का तर्क दे रहे हैं, तो कुछ दबी जुबान में पिछले साल की घटना को कारण बता रहे हैं। इस बार गांव के गैर मुस्लिमों ने बकरीद पर मुसलमानों के घर का खाना न खाने की बात कही है।

- बिसाहड़ा में पिछले साल बकरीद के आसपास उथल-पुथल वाले दिन रहे थे। बकरीद के 3 दिन बाद 28 सितंबर 2015 को इखलाक को गोकशी के शक में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था। इखलाक के बेटे दानिश को बुरी तरह पीटा गया था। गांव के 18 युवक इस मामले में गिरफ्तार किए गए थे, उनमें से 3 नाबलिग आरोपियों को जमानत मिल गई है। वहीं गोकशी के आरोप में मृतक इखलाक समेत उनके परिवार के 7 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है।

- गांव के एक शख्स ने बताया कि गांव के माहौल को देखते हुए इस बार कुर्बानी न देने का फैसला किया गया है। हालांकि गांव के एक अन्य मुस्लिम युवक ने दलील दी कि गरीबी और महंगाई के कारण कुर्बानी नहीं दी जा रही है। 

-गांव का शिव मंदिर पूजा से ज्यादा इखलाक मामले को लेकर चर्चित रहा। इसी मंदिर से गोकशी को लेकर घोषणा की गई थी। तब से यह मंदिर बिना पुजारी के है। मंदिर में पिछले एक साल के दौरान पूजा-पाठ से ज्यादा इखलाक मामले को लेकर पंचायतें हुई हैं।

- बकरीद पर पिछले साल बिसाहड़ा में हुए बवाल से सबक लेते हुए जिले की पुलिस ने हाई अलर्ट जारी किया है। एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने रविवार को जिले के सभी थाना प्रभारियों के साथ बैठक कर इस बाबत निर्देश दिए। बिसाहड़ा के लिए जारचा कोतवाली में एक कंपनी अतिरिक्त PAC भेजी गई है। गांव में भी PAC तैनात की गई है। जिला प्रशासन त्योहारों के मौसम को देखते हुए 2 महीने तक के लिए धारा-144 लगा चुका है। जिला प्रशासन ने गोकशी न हो, इसके लिए भी सावधान रहने को कहा है।