उत्तराखंड के बागियों को नहीं मिली सुप्रीम कोर्ट से राहत

प्रभाकर मिश्रा, नई दिल्ली (9 मई): उत्तराखंड के बागी विधायकों को सुप्रीम कोर्ट ने झटका दिया है। याचिका की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया कि बागी विधायक मंगलवार को होने वाले शक्ति परीक्षण में वोट नहीं दे सकेंगे। 

इन नौ बागी विधायकों में अमृता रावत, हरक सिंह रावत, प्रदीप बतरा, प्रणव सिंह, शैला रानी रावत, शैलेंद्र मोहन सिंघल, सुबोध उनियाल, उमेश शर्मा और विजय बहुगुणा शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने आज यह भी साफ कर दिया कि बागियों की विधानसभा की सदस्यता का फैसला 12 जुलाई को होगा। 

माना जा रहा है कि यह फैसला कांग्रेस के लिए राहत की खबर लेकर आया है। दरअगल उत्तराखंड में 71 सीटें हैं। अगर नौ बागी विधायकों को हटा दें तो सीटें बचीं 62। ऐसे में बहुमत के लिए हरीश रावत को 31 सीटें चाहिए। 

विधानसभा में कांग्रेस के पास 27 विधायक हैं। जबकि, बीएसपी के दो विधायक पहले से ही समर्थन में है। चार निर्दलीय भी रावत के पक्ष में माने जा रहे हैं। ऐसे में हरीश रावत शक्ति परीक्षण को पास कर सकते हैं। 

बता दें कि 18 मार्च को विधानसभा में विनियोग विधेयक पर मत विभाजन की बीजेपी की मांग का कांग्रेस के नौ विधायकों ने समर्थन किया था, जिसके बाद राज्य में सियासी तूफान पैदा हो गया और उसकी परिणिति 27 मार्च को राष्ट्रपति शासन के रूप में हुई थी।