कालेधन पर अब कुछ नहीं बताएगी दिल्ली पुलिस

नई दिल्ली(17 दिसंबर): राजधानी दिल्ली में बरामद होने वाली ब्लैकमनी के बारे में अब पुलिस कुछ नहीं बता पाएगी। प्रेस को ब्लैकमनी की जानकारी देने पर रोक लगा दी गई है।

- वित्त मंत्रालय का लेटर मिलने के बाद होम मिनिस्ट्री ने पुलिस कमिश्नर को यह आदेश दिया। अब ब्लैकमनी बरामदगी से जुड़ी खबर प्रेस को बताने वाले पुलिस अफसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

- वित्त मंत्रालय की ओर से गृह मंत्रालय को भेजे गए लेटर में यह तर्क दिया गया है कि दिल्ली पुलिस की ओर से प्रेस को रकम की डिटेल और फोटोग्राफ उपलब्ध कराए जाने की वजह से इन मामलों की जांच प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को अपनी जांच में अब तक किसी भी रकम के सोर्स के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।

- ग्रेटर कैलाश-1 में 'टी एंड टी' लॉ फर्म के ऑफिस से क्राइम ब्रांच ने 13 करोड़ 50 लाख रुपये बरामद कर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के हवाले किए थे। इस रकम में ढाई करोड़ रुपये के दो-दो हजार रुपये के नए नोट थे। जांच में अब तक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को यह मालूम नहीं चल सका है कि ढाई करोड़ रूपये के नए नोट किसी बैंक की ब्रांच से आए थे या करंसी चेस्ट से हासिल किए गए थे? इसी तरह करोल बाग के होटल 'तक्ष-इन' में सवा तीन करोड़ रुपये क्राइम ब्रांच ने बरामद कर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को दिए, लेकिन इस रकम के मालिकों तक भी जांच नहीं पहुंच सकी।

- गृह मंत्रालय से निर्देश मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की सभी यूनिटों को हिदायत दे दी गई कि ब्लैकमनी की बरामदगी के बारे में अब मीडिया को कोई खबर नहीं बताई जाएगी। अब तक पुलिस अफसर करोड़ों रुपये बरामद करने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। अब प्रेस कॉन्फ्रेंस तो दूर, अब ऑफ द रेकॉर्ड भी प्रेस को कोई जानकारी नहीं दी जाएगी। यह निर्देश आए हैं कि अगर कोई पुलिसकर्मी या पुलिस अफसर ब्लैकमनी की बरामदगी के बाद प्रेस को जानकारी देता है तो उसका पता लगाकर उसके खिलाफ सख्त ऐक्शन लिया जाएगा।