मंथन' में कश्मीर के नेता बोले- पाकिस्तान से बातचीत में हुर्रियत की जरूरत नहीं

नई दिल्ली (11 मार्च): जम्मू-कश्मीर की सियासत में भले ही बाहर से उतार चढ़ाव दिखाई पड़ रहे हों, लेकिन आज भी गठबंधन की सरकार बनाने का दम पीडीपी और बीजेपी के नेता भरते नहीं थक रहे हैं। कभी जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद का हिस्सा रहे सज्जाद गनी लोन और पीडीपी के विधायक इमरान रज़ा अंसारी ने मीडिया फेस्ट मंथन में यह भी साफ कर दिया कि भारत-पाकिस्तान की बातचीत में हुर्रियत की कोई जरूरत ही नहीं है।   बीएजी फिल्म एंड मीडिया लिमिटेड के मीडिया इंस्टीट्यूट आईसोम्स (ISOMES) के तीन दिवसीय फेस्ट 'मीडिया फेस्ट 24 मंथन' के अंतिम दिन पीपुल्स कॉन्फ्रेंस नेता सज्जाद लोन और पीडीपी विधायक इमरान रज़ा अंसारी ने बेबाकी से भावी पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए।   बीएजी फिल्म एंड मीडिया लिमिटेड की एमडी अनुराधा प्रसाद के सवाल का जवाब देते हुए पीडीपी विधायक इमरान अंसारी ने कहा कि नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद जम्मू-कश्मीर के हालात बहुत बदल गए हैं। राज्य के विकास के लिए उसे आर्थिक पैकेज मिला है और जनता में विश्वास जगा है। इस बात का समर्थन सज्जाद अली लोन ने भी किया।   पाकिस्तान से बातचीत में हुर्रियत क्रॉफ्रेंस को शामिल करने को लेकर पूछे गए सवाल पर इमरान अंसारी ने कहा कि अगर बात दो मुल्कों के बीच हो रही है, तो सरकारों को ही शामिल करने की जरूरत है। इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई गुंजाइश नही है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा के पिछले चुनाव का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में 74 फीसदी मतदान दर्शाता है कि आज कश्मीर के लोग भी बदलाव चाहते हैं।   कश्मीरी पंडितों की घर वापसी पर दोनों नेताओं ने साफ कहा कि अगर कोई अपने घर लौटना चाहते है, तो उनका स्वागत है। आज उनके लिए मौहाल पूरी तरह से सुरक्षित है। लेकिन, कुछ राजनीतिक दलों के लोग कश्मीरी पंडितों को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं।   पीओके को भारत में शामिल करने के मुद्दे पर भी पीडीपी के विधायक इमरान रजा अंसारी ने कहा हम चाहते हैं कि पुराना कश्मीर भी भारत में शामिल हो जाए। 

भावी पत्रकारों को संबोधित करते हुए सज्जाद लोन ने कहा कि कई बार दिल्ली में बैठे मीडियावाले कश्मीर के बारे में सही रिपोर्टिंग नहीं करते हैं। उन्हें भी मौके पर पहुंचकर सच दिखाऩे की कोशिश करनी चाहिेए।   कार्यक्रम के अंत में दोनों कश्मीरी नेताओं ने आईसोम्स के छात्रों को अवार्ड दिए।