पुराने नोटों को जमा कराने का नहीं दे सकते एक और मौका: केंद्र सरकार

नई दिल्ली (17 जुलाई): सुप्रीम कोर्ट की ओर से नागरिकों को पुराने नोट जमा कराने के लिए एक और मौका दिए जाने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि एक और मौका नहीं दे सकते। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि पुराने 500 और 1000 रुपये के नोटों को जमा कराने के लिए एक बार फिर से मौका दिए जाने पर नोटबंदी का पूरा मकसद ही खत्म हो सकता है। इस महीने की शुरुआत में ही शीर्ष अदालत ने कहा था कि केंद्र सरकार को ऐसे लोगों को पुराने नोट जमा कराए जाने का मौका देने पर विचार करना चाहिए, जो जायज कारणों से तय समय में इन्हें जमा नहीं करा पाए।

केंद्र सरकार ने नोटबंदी के बाद 9 नवंबर से 30 दिसंबर तक 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को जमा कराने का अवसर दिया था। कई नागरिकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर पुराने नोटों को जमा करने के लिए एक मौका फिर दिए जाने की मांग की थी। इन याचिकाकर्ताओं में एक महिलाएं भी शामिल थीं। 

5 जुलाई को इस मामले की आखिरी सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जेएस खेहर ने कहा था, 'यदि कोई वास्तविक कारणों से पुरानी करंसी जमा नहीं करा पाया तो उसे मौका मिलना चाहिए। आप उसके पैसे को उससे छीन नहीं सकते, वह उसकी कमाई है।' लेकिन केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि पहले भी पुराने नोट जमा कराने के अवसरों का इस्तेमाल करते हुए रेल टिकट और पेट्रोल पंपों पर इन्हें खपाने के मामले सामने आए थे। अब एक बार फिर से ऐसा मौका दिया जाता है तो फिर ऐसा दुरुपयोग बढ़ सकता है।