"जनधन योजना के तहत खुले खातों में मिनिमम बैलेंस की जरूरत नहीं"

नई दिल्ली (15 सितंबर): जनधन योजना के तहत बैंकों में खोले गए खातों को लेकर मची अफवाह पर सरकार ने विराम लगाया है। सरकार ने कहा है कि इस योजना के तहत खोले गए खातों जीरो बैलेंस के अंतर्गत आते हैं और इसमें कोई मिनिमम राशि का प्रावधान नहीं है।

सरकार ने कहा कि मीडिया में कुछ खबरें आ रही थी कि इस अकाउंट को जीरो बैलेंस से बचाने के लिए बैंक ही हर खाते में 1 रुपया जमा कर रहे हैं। सरकार ने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 24 करोड़ अकाउंट खोले गए हैं, जिसमें 42 हजार करोड़ के ज्यादा रकम जमा कराई गई। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि दिसंबर 2014 में इस योजना के अंतर्गत 10.45 करोड़ अकाउंट खोले गए जिनमें 8,353 करोड़ रुपये जमा कराए गए।

अरुण जेटली ने कहा कि समय के साथ ही इन खातों में पैसे बढ़े ही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत जो अकाउंट खोले गए उनको जीरो बैलेंस पर ही खोला गया। इसमें कोई मिनिमम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं है। यह सरकार द्वारा किसी भी नागर‍िक को मिलने वाले सीधे लाभ के लिए खोले गए हैं। किसी भी खाते में अगर कोई बैलेंस नहीं है तो भी उसे बंद नहीं किया जाएगा। सरकार यह देखेगी कि ब्रॉंच लेवल के बैंकों में इसे लेकर कोई संदेह तो नहीं। अगर ऐसा है तो उसे दूर किया जाएगा।