'पाकिस्तान को अब हथियार और पैसे नहीं देगा अमेरिका'

नई दिल्ली (15 मई): जब तक पाकिस्तान हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं करेगा तब तक अमेरिका किसी भी तरह की सैन्य सहायता नहीं देगा। यह जानकरी अमेरिकी प्रवक्ता एलिज़ावेथ ट्रुड्यू ने दी है। एलिज़वेथ ने कहा कि यूएस कॉंग्रेस के सीनियर सदस्य चाहते हैं कि पाकिस्तान भी अमेरिकी हितों का ध्यान रखे। उसे हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।

एलिज़ावेथ के इस वक्तव्य के बाद पाकिस्तान में अमेरिकी संबंधों पर ज़िरह छिड़ गयी है। दरअसल, आतंकवाद के लिए बदनाम हो चुकी आईएसआई ने विदेशों खासकर अफगानिस्तान में अमेरिकी ठिकानों और फौजों पर हमले के लिए हक्कानी नेटवर्क खड़ा किया है। अगर पाकिस्तान सरकार हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करती है तो न केवल आईएसआई कमज़ोर होगी बल्कि उसका एक चेहरा दुनिया के सामने बेनकाब हो जाय़ेगा।

अमेरिका का मानना है कि पाकिस्तान की आईएसआई हक्कानी नेटवर्क के माध्यम से अफगानिस्तानी तालिबान को हथियार और पैसों से मदद कर रही है और जब अमेरिकी फौज उन पर दबाव बनाती है तो पाकिस्तान के सेफ हाउसेस में उन्हें शरण दी जाती है। अमेरिका चाहता है पाकिस्तान की सेना अफगानिस्तानी तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करे, लेकिन अभी तक जिन आतंक के नाम पर पाकिस्तानी आर्मी जितने भी ऑपरेशन किये हैं वो या तो बलूचिस्तान में आज़ादी मांग रहे समूहों के खिलाफ हुए है या फिर उन समूहों के खिलाफ जिन्होंने सिर्फ पाकिस्तान के भीतर हिंसा की है।