अब सरकार बताएगी क्या खाएं गर्भवती महिला ?

नई दिल्ली (14 जून): 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है और उससे पहले आयुष मंत्रालय की एक किताब विवादों से घिर गई है। किताब में मंत्रालय ने गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ रहने के कुछ सुझाव दिए हैं जिन पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

आयुष मंत्रालय ने कहा है कि गर्भधारण के बाद महिलाओं को सेक्स नहीं करना चाहिए और अंडे और मीट से भी दूर रहना चाहिए। दरअसल इस किताब का मकसद गर्भावस्था में योग और योग के जरिए किस तरह स्वस्थ रहा जा सकता है, ये बताना था लेकिन योग के बहाने गर्भवती महिलाओं को सरकार के सुझाव पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

खबर के मुताबिक ये बातें केंद्रीय आयुष मंत्रालय और सरकारी सहायता प्राप्त सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन योगा एंड नेचरोपैथी द्वारा जारी एक बुकलेट में कही गईं हैं। इस बुकलेट को केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने जारी किया है। हालांकि डॉक्टर इन सलाहों को अवैज्ञानिक बता रहे हैं।कई अध्ययनों में भी यह बात सामने आई है कि गर्भवती महिलाओं में पोषक तत्वों की कमी और तनाव की वजह से शिशु का विकास प्रभावित होता है। उधर, शारीरिक संबंधों के बारे में विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर गर्भावस्था सामान्य है तो इसमें कोई समस्या नहीं है। देश में प्रत्येक साल 2.6 करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं।