बांग्लादेश के हिंदूओं को बचाओ, हिंदूओं के खिलाफ हो रही बहुत बड़ी साजिश, 30 साल बाद हिंदू विहीन होगा बांग्लादेश

डॉ. संदीप कोहली

नई दिल्ली (23 नवंबर): बांग्लादेश में हिंदूओं पर हो रहे हमले लगातार बड़ते जा रहे हैं। जिसके कारण हिंदू बांग्लादेश से पलायन को मजबूर हो रहे हैं, जो एक चिंता का विषय भी बन गया है। अगर इसी तहर पलायन होता रहा तो अगले 30 साल में बांग्लादेश में एक भी हिंदू नहीं बचेगा। यह खुलासा ढाका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ अब्दुल बरकत ने किया है। अर्थशास्त्र के प्रोफेसर डॉ बरकत के अनुसार औसतन 632 हिंदू रोजाना बांग्लादेश छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। डॉ बरकत ने अपनी किताब "बांग्लादेश में कृषि-भूमि जल सुधार की राजनीतिक अर्थव्यवस्था" के पुस्तक विमोचन समारोह के दौरान उन्होंने यह बात कही। गौरतलब है कि हाल ही में बांग्लादेश में कई हिंदुओं को बेहरहमी से मौत के घाट उतरा गया है। 15 मंदिरों को तोड़ा गया और 200 से ज्यादा हिंदुओं के घरों को नुकसान पहुंचाया गया था। हालांकि सरकार ने सुरक्षा का भरोसा दिया है लेकिन हिंदूओं का डर कम नहीं हो रहा।

हर साल हो रहा 2 लाख हिंदूओं का पलायन- डॉ बरकत के अनुसार 1964 से 2013 के बीच करीब 1 करोड़ 13 लाख हिंदुओं ने धार्मिक भेदभाव और लगातार हो रहे हमलों की वजह से बांग्लादेश छोड़ दिया है। रोजाना 632 और हर साल 2 लाख 30 हजार हिंदू बांग्लादेश छोड़ रहे हैं।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर बड़े हैं हमले... - जून 2016 में चार हिंदू पुजारियों की हत्याएं हो चुकी हैं। - हिंदू आश्रम हेमायतपुरधाम के कर्मचारी नित्यारंजन पांडे की हत्या - जून में ही हिंदू पुजारी आनंद गोपाल गांगुली की हत्या। - पिछले कुछ महीनों में अल्पसंख्यकों, सेक्युलर ब्लॉगर्स पर हमले के मामले बढ़े हैं। - अब तक इस्लामिक कट्टरपंथियों के हमले में 40 लोगों की मौत हो चुकी है। - फरवरी में कट्टरपंथियों ने एक मंदिर के हिंदू पुजारी की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। - अप्रैल में हथियार से लैस आईएस आतंकियों ने एक उदारवादी प्रोफेसर की हत्या कर दी थी। - अप्रैल में ही आईएस आतंकियों ने एक हिंदू दर्जी की उसकी दुकान पर हत्या कर दी थी। - दिसंबर 2015 में दिनाजपुर जिले में हिंदू मंदिर पर हमला, मेले में फेंके गए देसी बम। - 2014 में हिंसा के चलते 2000 हिंदूओं को अपना घर छोड़ने पर होना पड़ा मजबूर। - 2013 में बांग्लादेश में 50 मंदिरों और 1500 हिंदुओं के घर में तोड़फोड़ की गई थी।

बांग्लादेश में हिंदू... - दुनिया में हिंदू आबादी वाले तीन सबसे बड़े देशों में बांग्लादेश आता है। - भारत और नेपाल के बाद बांग्लादेश है जहां डेढ़ करोड़ हिंदू आबादी है। - 1947 बंटवारे के वक्त बांग्लादेश को पूर्वी पाकिस्तान कहा जाता था। - 1947 में पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश)में हिंदू आबादी करीब 28 फीसदी थी। - बांग्लादेश बनने के बाद पहली जनगणना 1981 में हिंदू आबादी सिर्फ 12 फीसदी रह गई। - 2011 में जो जनगणना हुई है उसके मुताबिक आबादी 9 फीसदी से भी कम रह गई है। - 1947 के बाद से बांग्लादेश में करीब 30 लाख हिंदुओं की हत्याएं की गई। - 1971 में बांग्लादेश में आजादी की लड़ाई के दौरान हिंदुओं का नरसंहार किया गया। - इस दौरान हिंदू पुरुषों की हत्याएं, महिलाओं का बलात्कार, मंदिरों में तोड़फोड़ हुई थी। - 1971 की लड़ाई के दौरान भारत में शरण लेने वाली 60 फीसदी आबादी हिंदूओं की थी। - 2013-2014 में बांग्लादेश के 20 जिलों में हिंदू विरोधी प्रदर्शन हुए। - हिंसा में करीब 50 हिंदू मंदिर और 1500 हिंदुओं के घर तबाह कर दिए गए। - अनुमान के मुताबिक पिछले 10 वर्षों में 10 लाख से भी ज्यादा हिंदू आबादी गायब हो गई। - 1947 में पाकिस्तान में 15 फीसदी हिंदू आबादी 1998 में घटकर सिर्फ़ 1.6 फीसदी रह गई। - 1947 में बांग्लादेश में 28 फीसदी हिंदू आबादी 2011 में घटकर सिर्फ़ 8.5 फीसदी ही रह गई। - पाकिस्तान के शासन के दौरान अनामी प्रॉपर्टी कानून के नाम पर हिंदुओं की संपत्ति को जब्त किया गया।  - 1971 के बाद भी निहित संपत्ति के तौर पर सरकार ने कब्जा जमाए रखा।  - इसी वजह से करीब 60 फीसदी हिंदू भूमिहीन हो गए।