'पाकिस्तान में अभिव्यक्ति की आजादी नहीं, अल्पसंख्यकों पर हो रहा अत्याचार'

नई दिल्ली ( 13 मार्च ): पाकिस्तान में अभियक्ति की स्वतंत्रता नाम की कोई चीज नहीं है। स्विट्जरलैंड के जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद सत्र में ह्यूमन राइट्स के एक सेमिनार में पाकिस्तानी पत्रकार आरीफ तौकीर ने अपने ही देश की सरकार पर करारा वार किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान, सिंध, खैबर पख्तोंत्वा और पीओके में हालात अब तक सामान्य नहीं हुए। अत्याचार करने वाले अमानवीय चेहरे कई बार सामने आते हैं।

पत्रकार आरीफ तौकीर ने कहा कि, बलूचिस्तान, सिंध, खैबर पख्तोंखवा और पीओके में अल्पसंख्यकों पर उत्पीड़न, हत्याओं और अपहरण के मामले सामने आ रहे हैं। खास बात यह है कि वहां की मुख्यधारा के मीडिया में इन जैसे मानव अधिकारों के उल्लंघन की सूचना नहीं दी जा रही है और यह बहुत खतरनाक है। 

पाकिस्तानी पत्रकार ने पाकिसातन की राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि, सेना द्वारा परिभाषित सेंसरशिप सबसे खराब है। सबसे दुख की बात यह है कि अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार की खबरें भी मुख्यधारा के मीडिया से गायब हो चुकी है।