नोटबंदी के बावजूद बाजार में 'मोदी पतंग' और 2000 के नोट की पतंग की धूम

नई दिल्ली ( 13 जनवरी ): मकरसंक्रांति के मौके पर नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक का असर खूब देखने को मिल रहा है। त्यौहार को लेकर बाजारों में पतंगों की दुकानें सजी हुई हैं। मकरसंक्रांति के अवसर पर इस बार पंतगों में सिनेमा के स्टार हो या भारतीय राजनीति के बड़े नेता सबकी छाप दिख रही है। उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव के कारण पीएम के संसदीय क्षेत्र में मोदी के पतंग की बड़ी डिमांड है।

वाराणसी के बाजार में राजनेता हो या फिर बच्चों का चेहता कार्टून सभी की तस्वीर लगे हुए पतंग भारी मात्रा में बिक रहे हैं। पतंग की दुकानों पर देश में नोटबंदी सबसे बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुददा भी खूब छाया हुआ है। नए 500 और 2000 के नोटों की फ़ोटो के साथ पीएम मोदी की फ़ोटो वाली पतंगों को लोग काफ़ी पसंद कर रहे है। बाजारों में मोदी चाचा के नाम से मशहूर पतंगों के आगे किसी भी राजनेता की पतंग की डिमांड ही नहीं है, जिसकी वजह से व्यापारी भी मोदी पतंग के अलावा किसी नेता का पतंग नहीं रख रहे हैं।

पीएम की तस्वीर लगी और " सबका साथ , सबका विकास " लिखे पतंगों को भी बाजारों में पसंद किया जा रहा है। पतंगों में बच्चो का चेहता छोटा भीम, कृष्णा और मोटू-पतलू, नए वर्ष और गणतंत्र दिवस की पतंगे भी बाजारों में बिक रहे हैं।

वाराणसी के पतंगों के इस बाजार में सबसे ज्यादा बिकने वाले नए 500 और 2000 के नोटों वाली पतंगों पर साफा बंधे पीएम नरेंद्र मोदी के चारो तरफ़ नए नोट की फ़ोटो लगे है और पतंग पर " मोदी की नोट ले के आओ " का स्लोगन लिखा है।

बाजार में पतंगों की कीमत 3 रुपए से 300 तक है।