सोशल मीडिया पर सरकार की बुराई की तो अफसरों की खैर नहीं!

नई दिल्ली (19 जुलाई) : सोशल मीडिया पर सरकार की किसी अधिकारी ने बुराई की तो उसकी खैर नहीं होगी। केंद्र सरकार अपने अधिकारियों के कंडक्ट रूल में बदलाव करने जा रही है। इन बदलावों के तहत सरकारी अधिकारियों को टीवी, सोशल मीडिया और संचार के दूसरे साधनों पर सरकार की बुराई करने वाले बयान देने से रोका जाएगा।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा कंडक्ट रूल्स के मुताबिक सरकारी अधिकारी रेडियो, पब्लिक मीडिया, किसी दस्तावेज या मीडिया को दिए संबोधन में सरकार की बुराई नहीं कर सकते हैं। नया नियम सोशल मीडिया के लिए बनाया जा रहा है, जिस पर कई अधिकारी पहले से ही मौजूद हैं। ऑल इंडिया सर्विस (कंडक्ट) रूल्स 1968 में नया नोट जोड़ने का प्रस्ताव है।

इसके मुताबिक, ‘सेवा में मौजूद सदस्य को टीवी, सोशल मीडिया और दूसरे किसी कम्युनिकेशन ऐप पर ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। डॉक्युमेंट में कैरिकेचर भी शामिल होगा।’

ऐसा होने के बाद ट्विटर, फेसबुक या वॉट्सऐप पर सरकार की आलोचना में कैरिकेचर बनाने वाले अधिकारियों पर कंडक्ट रूल्स के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। ऑल इंडिया सर्विस रूल्स की समीक्षा के लिए एक कमिटी गठित की गई थी। इसी कमिटी ने इसमें कुछ बदलावों की सिफारिश की है।