बिहार में शराब नहीं आनी चाहिए और न मिले यह सुनिश्चित किया जाए: नीतीश कुमार

नई दिल्ली ( 11 मई ): बिहार में पूर्ण शराबबंदी को देखते हुए शराब के सेवन और इसकी तस्करी करने वालों के खिलाफ राज्य सरकार ने सघन अभियान छेड़ा हुआ है। शराब जब्ती के बाद पुलिस मालखाना में रखी करीब नौ लाख लीटर से अधिक शराब के कथित रूप से चूहों द्वारा गटक जाने का मामला पिछले सप्ताह प्रकाश में आया था। जिसके बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुद्धवार को निर्देश दिया कि बिहार में न तो शराब आये और मिले नहीं यह सुनिश्चित किया जाए।


नीतीश ने मुख्य सचिवालय स्थित सभाकक्ष में शराबबंदी के संबंध में सरकार के निर्णय का कठोरता से पालन करने के हर बिन्दू की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शराबबंदी के संबंध में सरकार के निर्णय का कठोरता से पालन करने के बिन्दू पर विस्तृत समीक्षा की।


समीक्षा बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से सभी जोनल आईजी, प्रमण्डलीय आयुक्त डीआईजी, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक जुड़े हुये थे। उन्होंने खासकार शहरों में शराब मिलने, शराब माफियाओं को पकड़ने, उनके वाहनों, घर एवं संपति को नीलाम करने के बिन्दू पर कठोरता बरतने के संबंध में समीक्षा की।