अब महागठबंधन को ये बड़ा झटका देने की तैयारी में नीतीश

पटना (10 जुलाई): राष्‍ट्रपति चुनावों में एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन करने के बाद बिहार के सीएम नीतीश कुमार एक बार फिर लालू और महागठबंधन को बड़ा झटका दे सकते हैं। खबरों की मानें तो नीतीश अब उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए विपक्षी एकता से भी कन्नी काट रहे हैं।


उपराष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवारी को लेकर कल मंगलवार को विपक्षी दलों की बैठक होने वाली है, लेकिन नीतीश कुमार ने इसमें भाग नहीं लेने का फैसला किया है। एक तरफ जहां मंगलवार को ग़ैर-बीजेपी दलों ने उपराष्ट्रपति के उम्मीदवार को लेकर बैठक बुलाई है, वहीं उसी दिन जेडीयू ने अपने विधायकों सांसदों और कार्यकारिणी की पटना में बैठक बुला ली है और ऐसा करके पार्टी ने संकेत दिया है कि वह उप-राष्ट्रपति चुनाव में भी विपक्ष के साथ नहीं है।


इसके पीछे आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार पर इनकम टैक्स और आईडी की छापेमारी को भी देखा जा रहा है। वैसे तेजस्वी पर कार्रवाई ना करना नीतीश कुमार की सियासी मजबूरी मानी जा रही है। नीतीश कुमार कुर्सी पर इसीलिए हैं क्योंकि आरजेडी के 80 विधायक उन्हें समर्थन दे रहे हैं। ऐसे में तेजस्वी पर कार्रवाई करने का मतलब है आरजेड़ी की समर्थन वापसी का खतरा।