क्या लटक गया नीतीश का शराबबंदी कानून? गवर्नर ने अभी तक नहीं दी मंजूरी

सौरभ कुमार, पटना (1 सितंबर): राज्य सरकार के उत्पाद संशोधन विधेयक पर राजभवन ने अब तक अपनी सहमति नहीं दी है। राज्यपाल अभी विधेयक का और अध्ययन करना चाहते हैं, इसके बाद ही उत्पाद विधेयक पर अंतिम सहमति मिलने की संभावना जताई जा रही है। इधर चर्चा इस बात को लेकर भी हो रही है कि अपनी सहमति देने के पूर्व राज्यपाल विधेयक पर विधि विशेषज्ञों से राय मशविरा कर रहे हैं।

बिहार विधान मंडल से पारित होने के बाद राज्य सरकार ने इस महीने की पांच तारीख को बिहार उत्पाद (संशोधन) विधेयक 2016 को राज्यपाल की सहमति के लिए भेजा था। उत्पाद विधेयक के साथ ही दर्जन भर और विधेयक भी राजभवन की सहमति के लिए भेजे गए। जिनमें से लोकायुक्त संशोधन विधेयक को राज्यपाल ने सरकार को अपने सुझाव के साथ वापस कर दिया। शेष विधेयक पर राजभवन ने सहमति दे दी। लेकिन उत्पाद संशोधन विधेयक पर अब तक कोई फैसला नहीं हो सका है। जदयू को पूरी उम्मीद है कि देर से ही सही, लेकिन राज्यपाल सही फैसला लेगें।

राजभवन के सूत्रों ने बताया कि विधेयक को लागू करने के लिए अपनी सहमति देने के पूर्व राज्यपाल विधेयक के हर पहलू का गहन मंथन कर रहे हैं। जिस मसले पर संशय की स्थिति है, उसे लेकर राजभवन सचिवालय विधि विशेषज्ञों से भी चर्चा कर रहा है। राजद का भी मानना है कि राज्यपाल महागठबन्धन की सरकार जो बहुमत में है, उसका सम्मान करेगें और बिना फेरबदल किए कानून को पारित करेगें।

इधर उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विधेयक राजभवन के ध्यानार्थ 5 अगस्त को ही भेज दिया गया था, परन्तु न तो राजभवन से किसी प्रकार की पूछताछ की गई और न ही विधेयक पर अब तक सहमति ही दी गई है। विधेयक में कई ऐसी बातें है जिनपर सहमति बनने में थोड़ी मुश्किल आ सकती है। मसलन घर में शराब मिलने से पूरे परिवार को जेल, परिसर में शराब मिलने से घर को सील किया जाएगा, साथ ही गाडी में शराब मिलने से गाडी की नीलामी होगी।

विपक्ष पहले भी इन बातों पर राज्यपाल से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज करा चुकी है। अब राज्यपाल से विलंब होने पर विपक्ष खुश है, लेकिन खुलेआम इजहार नहीं कर पा रहा है। सूत्र बताते हैं कि राज्यपाल रामनाथ कोविंद और उनके प्रधान सचिव बाला प्रसाद फिलहाल पटना से बाहर हैं। इनके वापस लौटने पर उत्पाद संशोधन विधेयक पर मंजूरी के संबंध में अंतिम रूप से कोई फैसला लिया जा सकेगा, लेकिन अभी कुछ तय नहीं है। एक बात जरूर है कि राज्यपाल के तरफ से हुई विलम्ब से कई सवाल जरूर खड़ा हो रहा है।