फ्लोर टेस्ट में पास या फेल होंगे नीतीश, 16 विधायक बिगाड़ सकते हैं खेल

नई दिल्ली(28 जुलाई): महागठबंधन से अलग होकर एनडीए में शामिल हुए नीतीश कुमार के लिए आज का दिन किसी परीक्षा से कम नहीं है। 11 बजे नीतीश सरकार को विधानसभा में बहुमत साबित करना है। गुरुवार को नीतीश कुमार और सुशील मोदी ने शपथ ग्रहण किया था।

-  जेडीयू-बीजेपी हालांकि 243 सदस्यीय विधानसभा में 132 विधायकों के समर्थन का दावा कर रहे हैं। 

- पार्टी के दिग्गज नेता शरद यादव और सांसद अनी अनवर भी इस बड़े कदम पर इशारों में नाराजगी जता चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक पार्टी के करीब 16 ऐसे विधायक हैं, जो नीतीश के विरोध में जा सकते हैं, जिसमें से 11 यादव और 5 मुस्लिम विधायक हैं। अगर ये विधायक बागी हो जाते हैं, तो ये जेडीयू-एनडीए गठबंधन के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है।

क्या है बिहार विधानसभा का समीकरण

243 सदस्यीय विधानसभा में नीतीश सरकार को बहुमत के लिए 122 सदस्यों के समर्थन की जरूरत है। नीतीश के पास 71, बीजेपी और सहयोगियों के पास 58 सीटें हैं। कुल 129 हुए। 4 निर्दलीय विधायक हैं। 

एनडीए का दावा है कि उनके पक्ष में 132 सदस्य हैं। वहीं सबसे बड़े दल आरजेडी के खाते में 80, कांग्रेस के पास 27 और सीपीएम के पास 3 विधायक हैं।