'संविधान संशोधन कर 50% तक बढ़े आरक्षण, प्राइवेट सेक्टर में भी हो'

नई दिल्ली (9 अप्रैल): बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 'वीरमणि सामाजिक न्याय सम्मान' से शनिवार को सम्मानित किया गया। नीतीश को यह पुरस्कार सामाजिक मुद्दों को लेकर संघर्ष करने और समाज के वंचित वर्गों के न्यायपूर्ण विकास सुनिश्चित करने के लिए दिया गया है। यह सम्मान 'पेरियार इंटरनेशनल संस्था' की तरफ से दिया गया। इस मौके पर उन्होंने निजी क्षेत्र में आरक्षण की वकालत की।

रिपोर्ट के मुताबिक, नीतीश कुमार ने कहा, "सामाजिक न्याय के लिए निजी क्षेत्र में आरक्षण जरूरी है।" उन्होंने कहा कि अगर अनूसूचित जाति के लोगों की जनसंख्या बढ़ेगी तो उनके आरक्षण की सीमा भी बढऩी चाहिए। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में आरक्षण की सीमा 69 प्रतिशत हो सकती है तो देश के बाकी राज्य में क्यों नहीं हो सकता? उन्होंने कहा कि इसके लिए मजबूत इच्छाशक्ति चाहिए।

नीतीश ने कहा, मंडल कमीशन के संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय का फैसला है जिसे हमलोग मानते हैं। लेकिन आरक्षण का दायरा बढऩा चाहिए। इस पर चर्चा करने का वक्त आ गया है। समाजवादी नेता ने कहा, "मैं मानता हूं कि मुस्लिमों, ईसाइयों को भी आरक्षण मिलना चाहिए, क्योंकि दलितों की तरह वे भी उसी तरह उपेक्षा और पिछड़ेपन के शिकार हैं। मेरा मानना है कि संविधान में संशोधन कर आरक्षण का दायरा 50 प्रतिशत तक बढ़ाया जाना चाहिए।"