अब नहाने लायक भी नहीं बचा गंगा का पानी: नीतीश कुमार

नई दिल्ली(19 अप्रैल): बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार सुशासन एवं न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर राज्य के विकास के लिए प्रयास कर रही है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ कंप्यूटर ज्ञान और अक्षर ज्ञान से विकास के लक्ष्यों को पूरा नहीं किया जा सकता, इसके लिए बुनियादी ज्ञान भी होना जरूरी है।

- पटना के अधिवेशन भवन में विकास प्रबंधन संस्थान के द्वितीय दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए नीतीश ने कहा, 'मेरे लिए विकास की परिकल्पना न्याय के साथ विकास है, जिसमें समाज के सभी हिस्से, समुदाय और इलाकों का विकास बराबर हो और सभी विकास की मुख्य धारा में जुड़ सकें।'

- उन्होंने कहा कि आज विकास की अवधारणा से पर्यावरण गायब है। उन्होंने कहा, 'देश की आजादी के बाद विकास के प्रति ऐसी मानसिकता बनी, जिसने पर्यावरण की चिंता ही छोड़ दी। इसका नतीजा देखने को भी मिल रहा है। पहले गंगा नदी का पानी पीने लायक होता था, मगर अब नहाने लायक भी नहीं है।' 

- नीतीश ने पर्यावरण को बचाने पर जोर देते हुए कहा कि विकास ऐसा हो कि पर्यावरण को भी नुकसान न हो और बुनियादी सुविधाओं को प्राप्त भी किया जा सके। पूरे समाज के एक समान विकास की वकालत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक तौर पर पिछड़े लोगों को बराबरी पर लाने की जरूरत है, इसके लिए उन लोगों को विशेष अवसर मिलने चाहिए।