'गैर बीजेपी दलों को साथ आना चाहिए ताकि संघ-मुक्त बन सके भारत'

पटना (17 अप्रैल): बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ा बयान दिया है। नीतीश कुमार ने कहा है कि सभी गैर बीजेपी दलों को साथ आना चाहिए ताकि संघ-मुक्त भारत बन सके। नीतीश के मुताबिक पार्टियां अकेली-अकेली रहीं तो सबको नुकसान होगा।

क्या बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बयान देश में आने वाली राजनीति की एक तस्वीर सी पेश कर रहा है। पटना में बीजेपी और संघ पर वार करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि संघ-मुक्त भारत बनाने के लिए सभी दलों का साथ आना पड़ेगा। वरना सबको नुकसान होने वाला है।

नीतीश कुमार का ये बयान तब आया है जब देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। इन पांचों ही राज्यों में बीजेपी की सरकार नहीं है। बिहार चुनाव में बीजेपी को रोकने के लिए नीतीश ने आरजेडी और कांग्रेस से हाथ मिलाया था। ये महागठबंधन सफल रहा और नीतीश के नेतृत्व में सरकार बनी। अब नीतीश चाहते हैं कि ये फॉर्मूला पूरे देश में चले। हालांकि संघ नीतीश के बयान को मुंगेरीलाल के हसीन सपने करार दे रहा है।

सवाल ये है कि नीतीश कुमार का ये डर आखिर क्यों... > आंकड़ों पर गौर करें तो देश के 29 राज्यों में से 13 राज्य ऐसे हैं जहां बीजेपी की सरकार नहीं है। > बाकी 16 राज्यों में या तो बीजेपी का एकछत्र राज है या फिर गठबंधन की सरकार है। > जिन पांच राज्यों में चुनाव हो रहे हैं उनमें सर्वे के मुताबिक असम में पहली बार कमल खिलता दिख रहा है।

शायद यही वजह है कि नीतीश कुमार गैर बीजेपी दलों को साथ आने की बात कर रहे हैं। सवाल ये है कि क्या नीतीश की ये सलाह राजनीतिक दल मानेंगे।