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कांग्रेस ने दिए नीतीश से बातचीत के संकेत

कांग्रेस पार्टी एकबार फिर से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपने खेमे में लाने की कोशिश करनी शुरूआत कर दी है। कांग्रेस ने नीतीश कुमार से बातचीत के संकेत दिए हैं। कांग्रेस अपनी ओर से पहल करते हुए कांग्रेस ने एक प्रस्ताव पेश करते हुए कहा है कि यदि वो भाजपा का दामन छोड़ते हैं तो सहयोगी दल उनका हाथ महागठबंधन में थामने पर विचार कर सकते हैं।

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 18 जून ): कांग्रेस पार्टी एकबार फिर से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपने खेमे में लाने की कोशिश करनी शुरूआत कर दी है। कांग्रेस ने नीतीश कुमार से बातचीत के संकेत दिए हैं। कांग्रेस अपनी ओर से पहल करते हुए कांग्रेस ने एक प्रस्ताव पेश करते हुए कहा है कि यदि वो भाजपा का दामन छोड़ते हैं तो सहयोगी दल उनका हाथ महागठबंधन में थामने पर विचार कर सकते हैं।

वहीं कांग्रेस की सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि नीतीश कुमार के बार में बिहार प्रभारी का बयान महत्वपूर्ण है। सुबह का भूला शाम को घर आ जाए तो बात हो सकती है। रंजीत ने कहा कि उन्हें अहसास हुआ है कि डबल इंजन की सरकार बनेगी तो बिहार का कायापलट होगा, लेकिन हुआ कुछ नहीं।कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने इशारा किया कि नीतीश कुमार के लिए बातचीत शुरू हो चुकी है। अपने बयान पर कांग्रेस बिहार प्रभारी ने नीतीश को लेकर कहा कि जब तक वह बीजेपी के साथ उनके लिए मेरा कोई कमेंट हैं। उन्होंने कहा कि हम विचारधारा की राजनीति करते हैं। जब तक वे बीजेपी का सथ छोड़ते नहीं हैं उनके लिए मेरा कोई भी टिप्पणी नहीं है।बिहार में कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने रामविलास पासवान और उपेंद्र कुशवाहा का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में यह आम धारण बनी हुई है कि मोदी सरकार पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों के खिलाफ है। इसी कारण पिछड़ों और अति पिछड़ों की राजनीति करने वालों के पास भाजपा का साथ छोड़ने के अलावा कोई और दूसरा विकल्प नहीं बचा है।जब गोहिल से पूछा गया कि यदि नीतीश कुमार महागठबंधन में वापसी करते हैं इसपर कांग्रेस का क्या रुख होगा? इसपर उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कुछ होने की संभावना बनती है तो हम अपने सहयोगी दलों के साथ इसपर चर्चा करेंगे।

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