राष्ट्रपति चुनाव: भाजपा का मास्टर स्ट्रोक, विपक्ष के पास बचा अब ये रास्ता

नई दिल्ली (20 जून): भारतीय जनता पार्टी की ओर से घोषित राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने के लिए विपक्ष अभी विचार कर रहा है। वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मुद्दे पर बुधवार को अपने वरिष्ठ पार्टी नेताओं और विधायकों के साथ बैठक करेंगे। नीतीश इस बैठक के बाद अपने फैसले का ऐलान कर सकते हैं।


विपक्षी पार्टियों में केवल कांग्रेस, वाम पार्टियां, आरेजडी और तृणमूल कांग्रेस विचारधार की वजह बीजेपी के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का विरोध कर रही हैं। खबरों की मानें, तो नीतीश कुमार ने मंगलवार को ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और लालू प्रसाद यादव को फोन कर यह बता दिया है कि रामनाथ कोविंद करने का समर्थन करने को तैयार हैं। नीतीश ने कहा कि उनके कोविंद के साथ अच्छे संबंध हैं।


नीतीश कुमार के बाद सपा और बसपा भी कोविंद को समर्थन दे सकती हैं, क्योंकि वह यूपी के हैं और दलित हैं. बसपा प्रमुख मायावती ने सोमवार को इसके संकेत भी दिए हैं।

अगर काग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए एमएस स्वामीनाथन या शिंदे में से किसी एक को अपना राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाती है, तो एनडीए में बिखराव हो सकता है और शिवसेना यूपीए के उम्मीदवार को अपना समर्थन दे सकती है।


यूपीए अगर अपना राष्ट्रपति उम्मीदवार मीरा कुमार को बनाता है तो यूपीए और मीरा कुमार को जदयू सपोर्ट कर सकती है। क्योंकि एक बड़ी दलित नेता हैं और महिला भी हैं।

गौरतलब है कि अभी विपक्ष ने इस मुद्दे पर कोई फैसला नहीं लिया है। कांग्रेस के नेतृत्व में कई विपक्षी पार्टियां 22 जून को बैठक करेंगी, जिसके बाद कोई फैसला लिया जा सकता है। हालांकि अभी तक की परिस्थितियों को देखें, तो रामनाथ कोविंद का अगला राष्ट्रपति बनना तय नजर आ रहा है।