मोदी सरकार के नागरिकता संशोधन कानून को लेकर नीतीश ने जताया विरोध

नई दल्ली (23 मई): उत्तर-पूर्व में नागरिकता संशोधन बिल केंद्र की भाजपा सरकार के लिए बड़ी परेशानी का सबब बनेने लगा है। पहले ही असम में अपने सहयोगियों के निशाने पर आई भाजपा को अब इस मुद्दे पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नाराज दिखाई दे रहे हैं। आपको बता दें कि जेडीयू ने इस बिल को लेकर कड़ा विरोध जताया है।

 बात यहीं खत्म नहीं होती इस मामले को लेकर संसद के अंदर और संसद के बाहर सरकार के खिलाफ आवाज उठाने की तैयारियां हो रही हैं। गौरतलब हो कि बिहार के पुर्व मुख्यमंत्री लालू यादव की पार्टी आरजेडी से अलग होने के बाद बीजेपी के साथ दोबारा सरकार बनाने के बाद नीतीश कुमार ने पहली बार मोदी सरकार के किसी बिल का खुलेआम विरोध किया है।आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून के प्रावधान के अनुसार बांग्लादेश, पाकिस्तान के अल्पसंख्यक नागरिकों को भी आसानी से नागरिकता दिए जाने का प्रावधान है। विपक्ष और नार्थ-ईस्ट में आंदोलनतर दलों का तर्क है कि इससे गलत परंपरा शुरू होगी। असम में इस बिल को लेकर हो रहे आंदोलन की अगुआई वहां की बीजेपी सरकार में सहयोगी असम गण परिषद कर रही है। 2016 में इस बिल को मोदी सरकार के कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इसे संसद में पेश किया गया था।