'12वीं मंजिल चढकर अवॉर्ड मांगने आईं आशा पारेख'

नई दिल्ली(3 जनवरी): केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी पद्म पुरस्कारों को लेकर विवादास्पद बयान दिया है। गडकरी ने कहा कि अवॉर्ड के लिए लोग पीछे पड़ जाते हैं। उन्होंने मशहूर अभिनेत्री आशा पारेख के बारे में कहा कि वो पद्मभूषण पाने की उम्मीद में मुंबई में मेरे घर पहुंच गई थी। लिफ्ट खराब थी, फिर भी वह 12 मंजिलें चढ़कर आ गई थीं। बड़ा खराब लगा था।

गडकरी ने दावा किया कि आशा पारेख ने उनसे कहा था कि 'मुझे पद्मश्री मिला है, जबकि भारतीय सिनेमा में मेरे योगदान के लिए मुझे पद्मभूषण मिलना चाहिए था।'

गडकरी नागपुर में सेवा सदन संस्था की ओर से दिए जानेवाले रमाबाई रानाडे पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर बोल रहे थे। गडकरी के इन दावों पर वरिष्ठ अभिनेत्री आशा पारेख ने कहा है कि उन्होंने कभी कोई लॉबिंग नहीं की। आशा पारेख ने कहा कि इससे ज्यादा और कुछ कहना नहीं चाहती हैं।

कौन हैं आशा पारेख?

आशा पारेख 1959 से लेकर 1973 तक उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया। 1992 में आशा पारेख को पद्मश्री अवार्ड से नवाज़ा गया। आशा पारेख को हिंदी सिनेमा की सबसे सफल और प्रभावी अभिनेत्रियों में गिना जाता है।

आशा पारेख ने 1952 में एक बाल कलाकार के तौर पर अपने अभिनय की शुरुआत फिल्म ‘आसमान’ से की थी। आशा ने ‘कटी पतंग’, ‘मैं तुलसी तेरे आंगन की’, ‘तीसरी मंजिल’, ‘दो बदन’, ‘प्यार का मौसम’, ‘बहारों के सपने’ जैसी कई सुपरहिट फिल्में दी थीं।