5 राज्यों में हार पर बोले नितिन गडकरी- विफलता की जिम्मेदारी भी पार्टी नेतृत्व ले


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (23 दिसंबर): तीन हिंदी भाषी राज्यों में हाल में बीजेपी की हार के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा बयान दिया है। गड़करी ने कहा है कि ‘‘नेतृत्व’’ को ‘‘हार और विफलताओं’’ की भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। साफगोई के लिए चर्चित बीजेपी नेता ने कहा कि सफलता की तरह कोई विफलता की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता। नितिन गडकरी ने कहा,‘सफलता के कई दावेदार होते हैं लेकिन विफलता में कोई साथ नहीं होता। सफलता का श्रेय लेने के लिए लोगों में होड़ रहती है लेकिन विफलता को कोई स्वीकार नहीं करना चाहता, सब दूसरे की तरफ उंगली दिखाने लगते हैं।



नितिन गडकरी ने कहा है कि किसी भी चुनाव में हार के लिए दूसरे को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए, बल्कि खुद ही आत्ममंथन करना चाहिए। अच्छा काम करने वाले भले ही किसी भी पक्ष के हों, उसका समर्थन करना चाहिए और गलत काम करने वाले भले ही अपने ही पक्ष के हों, उस पर कार्रवाई की जानी चाहिए। शनिवार को पुणे नगरीय सहकारी बैंक एसोसिएशन लिमिटेड की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यश के अनेक बाप रहते हैं, लेकिन अपयश अनाथ रहता है।


नितिन गडकरी का यह बयान हाल के विधानसभा चुनाव में तीन राज्यों में भाजपा की हुई हार से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद हर उम्मीदवारों की अलग-अलग प्रतिक्रिया रहती है. कोई कहता है कि नेताओं की सभा आयोजित नहीं की गई तो कोई बोलता है कि उनके लोगों ने उनका साथ नहीं दिया। इस तरह की बहानेबाजी के बजाय उसे खुद आत्मचिंतन करना चाहिए और पराजय के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। नितिन गडकरी ने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में रहती है तो बीजेपी नीत संस्थाओं पर कार्रवाई की जाती है और जब बीजेपी सत्ता में रहती है, तो कांग्रेस की संस्थाओं पर कार्रवाई की जाती है। यह तरीका ही गलत है, इसे कहीं न कहीं रोका जाना जरूरी है।