भ्रष्टाचार के खिलाफ नोटबंदी पीएम मोदी का आखिरी कदम नहीं- नीति आयोग

भुवनेश्वर (22 दिसंबर): नोटबंदी पर देशभर में हंगामा बरपा हुआ है। नोटबंदी के 44वें दिन में कैश की भारी किल्लत है। इस मुद्दे को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच सियासी घमासान जोरों पर हैं। इन सबके के बीच नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने साफ किया है कि भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ पीएम मोदी का ये आखिरी कदम नहीं है। अरविंद पनगढि़या ने नरेंद्र मोदी की नोटबंदी योजना को कालाधन पर सीधा हमला बताया और कहा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिये इस प्रकार के और कदम उठाये जा सकते हैं।

यहां एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिये आये पनगढि़या ने कहा कि अगर आप यह पूछ रहे हैं कि नोटबंदी भ्रष्टाचार रोकने के लिये आखिरी कदम है तो मैं कहूंगा नहीं। मुझे लगता है कि और कदम उठाये जाएंगे। जहां तक मौजूदा कालाधन के खिलाफ कार्रवाई और नीतिगत व्यवस्था तथा भूमिकाओं में इस तरह बदलाव कि करना कि भविष्य में कालेधन का संचय हतोत्साहित हो, मुझे लगता है कि दोनों करने की जरूरत है।

नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि उन्हें कार्रवाई के बारे में अटकल नहीं लगानी चाहिए। प्रधानमंत्री को इस बारे में अपने सलाहकारों के साथ विचार-विमर्श कर निर्णय करना है। उन्होंने कहा, हम देखेंगे और इंतजार करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि इस बारे में चर्चा जारी है और उम्मीद है कि बजट में कुछ चीजें देखने को मिल सकती है।

पनगढि़या ने कहा, नोटबंदी से पहले, हमने अच्छा किया और जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत थी। फिलहाल हमारे पास सूचना नहीं है लेकिन मैं आपको कह सकता हूं कि 13 विश्लेषकों और पर्यवेक्षकों में से 11 ने कहा कि प्रभाव एक प्रतिशत से कम होगा जबकि दो ने बड़े प्रभाव का अनुमान जताया।