लॉटरी के जरिए हो पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों का रजिस्‍ट्रेशन- नीति आयोग

नई दिल्ली (12 मई): आने वाले दिनों में लॉटरी के जरिए पेट्रोल और डीजल की गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हो ये कहना है नीति आयोग का। पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली नीति आयोग ने ईंधन की बचत और प्रदूषण पर लगाम कसने के मकसद से डीजल और पेट्रोल वाहनों के रजिस्ट्रेशन को भी सीमित करने का सुझाव दिया है। आयोग ने पब्लिक लॉटरीज के जरिए इन वाहनों के रजिस्ट्रेशन का सुझाव दिया है। जबकि इलेक्ट्रिकल व्हेकल की सेल को बढ़ावा देने के लिए इनसेंटिव्स देने की सिफारिश की है। सूत्रों ने रॉयटर्स को कहा कि यह रिपोर्ट देश में ग्रीन कार पॉलिसी के आधार पर लागू किया जाएगा।


देश की शीर्ष नीति-निर्धारक संस्था नीति आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत 2030 तक 60 अरब डॉलर यानी लगभग 3,960 रुपये की ऊर्जा लागत को बचा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत 2017 से 2030 के दौरान एक गीगाटन तक कार्बन उत्सर्जन भी कम कर सकता है।


रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले 15 साल का रोड मैप तैयार किया है। इस रोड मैप को  ग्रीन कार पॉलिसी  के तहत तैयार किया गया है। जिसके अनुसार अगले 15 वर्षों में देश को इलेक्ट्रीक वाहनों के अनुरूप बनाने का काम किया जाएगा। 134 पेज की रिपोर्ट में तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बात की गई है। पहला प्राइवेट व्हेकल ओनरशिप से शेयर यूजरशिप, पेट्रोल और डीजल वाहनों के बदले इलेक्ट्रॉनिक वाहन और शहरों को इस कारों के लिए डिजाइन करना।