जनधन खातों में काले धन का पता लगाएंगे बिग डेटा एक्सपर्ट्स

नई दिल्ली (24 जनवरी): नोटबंदी के दौरान जनधन खातों में काफी पैसा आया। सरकार को अनुमान है कि काले धन के कुबेरों ने गरीबों को कुछ लालच देकर अपने पैसे को व्हाइट करने का यह तरीका निकाला। अब खबर आ रही है कि इन खातों में जमा हुए पैसों और उनके ट्रांसेक्शन्स की जांच इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के बजाए नीति आयोग के बिग डेटा एक्सपर्ट्स करेंगे।

यह टीम उन खातों की जांच करेगी जिसमें नोटबंदी के बाद बड़ी मात्रा में पैसे जमा हुए और जिनमें गड़बड़ी की आशंका है। नीति आयोग ने इसकी ज़िम्मेदारी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बैंग्लुरु के फैकल्टी मेंबर और डेटा एनालिटिक्स एक्सपर्ट पुलक घोष को दी है।

- पिछले वर्ष 2-30 अक्टूबर के बीच 32 लाख जन धन खातों में 646 करोड़ रुपये जमा हुए थे।

- नवंबर में नोटबंदी के बाद 30 नवंबर तक जन धन खातों में डिपॉजिट 29,000 करोड़ रुपये बढ़कर 74,321 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जोकि 2 नवंबर को 45,302 करोड़ रुपये था।

- 2014 में प्रधानमंत्री जन धन योजना लॉन्च की गई थी। इन खातों में जमा दर सीमा 50,000 रुपये है।

- नोटबंदी के बाद जनधन खातों का इस्तेमाल काला धन रखने वाले लोगों द्वारा करने की आशंका के चलते आरबीआई ने इन खातों से निकासी सीमा 10,000 रुपये प्रतिमाह कर दी थी। जिसके बाद दिसंबर अंत तक जनधन खातों में जमा रकम घटकर 71,036 करोड़ रुपये हो गई थी।