परिवहन मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी, 1 घंटे में दिल्ली से पहुंचे मुंबई


नई दिल्ली ( 27 जुलाई ):
नीति आयोग ने परिवहन मंत्री को आधा दर्ज प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हाइपरलूप, मेट्रिनो और पॉड टैक्सी जैसी मास रैपिड ट्रांसपोर्टेशन टेक्नॉलजी भारत में जल्द ही सच हो सकती हैं। नीति आयोग ने देश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सुधार के विकल्पों की तलाश के लिए परिवहन मंत्रालय के आधा दर्जन प्रपोजल को मंजूरी दे दी है। नीति आयोग से हरी झंडी मिलने के बाद परिवहन मंत्रालय ने इन टेक्नॉलजी से जुड़े सुरक्षा के मानकों की स्टडी के लिए रेलवे के एक पूर्व शीर्ष अधिकारी की अगुवाई में छह सदस्यीय कमेटी बनाई है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इन प्रपोजल को इस शर्त के साथ मंजूरी दी है कि इन्हें कमर्शल तौर पर शुरू करने से पहले मिनिस्ट्री इन सभी टेक्नॉलजी का ट्रायल रन करेगी और इनके लिए सुरक्षा के उपायों को अपनाया जाएगा। ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'इन नई टेक्नॉलजीज से देश में शहरों के अंदर यात्रा करने का तरीका बदल सकता है। इस तरह की कोई टेक्नॉलजी अभी भारत में मौजूद नहीं होने के कारण इसके ग्लोबल सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को जानना और उनके पालन को सुनिश्चित करना आवश्यक है। पायलट प्रॉजेक्ट के लिए भी यात्रियों की सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है।' 

मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट ऐंड हाइवेज ने छह नई मास रैपिड ट्रांसपोर्टेशन टेक्नॉलजी को लेकर एक्स्पेरिमेंट करने के लिए नीति आयोग से मंजूरी मांगी थी। इनमें हाइपरलूप, मेट्रिनो, पॉड टैक्सी, हाइब्रिड बस और फ्रेट रेल रोड शामिल हैं। देश में पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन के मौजूदा जरियों से बढ़ते ट्रैफिक की समस्या का हल नहीं निकल रहा है और इस वजह से नई टेक्नॉलजी पर विचार किया जा रहा है।