नीरव मोदी के कई ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, रेड की कार्रवाई कैमरे में रिकॉर्ड

नई दिल्ली ( 16 फरवरी ): पंजाब नेशनल बैंक में करीब 11500 करोड़ रुपये का घोटाला सामने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी और गीतांजलि जेम्स के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। ED ने नीरव मोदी के जयपुर, सूरत, दिल्ली समेत कुल 17 स्थानों पर छापेमारी की। नीरव मोदी के दफ्तरों, शोरूम और वर्कशाप पर छापेमारी के दौरान ED ने करीब 5,100 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की। 

Visuals of items seized by Enforcement Directorate. Gold, diamonds & precious stones worth Rs 5100 crore has been seized in total. #NiravModi #PNBFraudCase pic.twitter.com/GBxSkRCubj

— ANI (@ANI) February 15, 2018

ईडी की ओर से जब्त की गई संपत्ति में सोना, हीरा और कीमती पत्थर शामिल हैं। चूंकि डायमंड सेट काफ़ी महंगा है इसलिए ई डी ने रेड ऑन कैमरा किया। यानि रेड की कार्रवाई कैमरे में रिकॉर्ड की गई।

ईडी के अधिकारियों ने बांद्रा कुर्ला कांप्लेक्स में भारत डायमंड बॉर्स में फायरस्टार डायमंड प्राइवेट लिमिटेड के मुख्यायल, कुर्ला पश्चिम स्थित कोहिनूर सिटी में नीरव मोदी के निजी दफ्तर, उनके शोरूम, दक्षिण मुंबई में फोर्ट स्थित इट्स हाउस में बुटिक और लोअर परेल में पेनिंसुला बिजनेस पार्क स्थित वर्कशाप में छापेमारी की।

गुजरात के सूरत में ED के अधिकारियों ने सचिन टाउन स्थित सूरत एसईजेड में छह हीरे की शिल्पशालाओं की तलाशी ली। इसके अलावा यहां हीरे के जेवरात के एक बड़े केंद्र रिंग रोड स्थित वेल्जियम टावर में एक दफ्तर पर भी ED का छापा पड़ा। नई दिल्ली के चाणक्यपुरी और डिफेंस कॉलोनी में मोदी की दो हीरों की दुकानों पर भी ईडी अधिकारियों ने छापे मारे।

पीएनबी में 11,360 करोड़ रुपये के घपले में नीरव मोदी की कंपनियों और बैंक की मुंबई स्थित ब्रैडी हाउस शाखा के कुछ अन्य खातों की संलिप्तता उजागर होने के एक दिन बाद बड़े स्तर कार्रवाई शुरू की गई है। पीएनबी के कम से कम दस बैंक कर्मियों को निलंबित किया गया है, लेकिन पीएनी की कर्ज अनुमति कमेटी या निदेशक मंडल से कोई इनमें शामिल है या नहीं, यह अभी साफ नहीं हुआ है। 

पीएनबी घोटाले में धनशोधन के मामले भी शामिल हैं। सीबीआई ने पिछले सप्ताह मोदी और उनकी पत्नी एमी और भाई निशाल व मामा मेहुल चोकसी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इससे पहले पीएनबी ने 29 जनवरी को 280 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को लेकर इन चारों के खिलाफ शिकायत की थी। यह धोखाधड़ी का मामला 2011 का है।